Thursday, August 6, 2026
Homeहरियाणारोहतकपीजीआईएमएस में एमएस एक्सटेंशन विवाद: 58 साल की सीमा या 70 साल...

पीजीआईएमएस में एमएस एक्सटेंशन विवाद: 58 साल की सीमा या 70 साल के प्रस्ताव का इंतजार

  • एमएस पद पर उम्र का पेंच: पीजीआईएमएस में नियम, प्रस्ताव और फैसले आमने-सामने
  • कानून का इंतजार, एक्सटेंशन पहले, पीजीआईएमएस में एमएस पद पर उठे नियमों के सवाल
  • 63 साल की उम्र में एमएस बनने से शुरू हुआ विवाद, अब एक्सटेंशन पर सवाल

कविता.रोहतक : पीजीआईएमएस में चिकित्सा अधीक्षक पद को लेकर विवाद अब सिर्फ नियुक्ति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह नियमों की अनदेखी और प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। डॉ. कुंदन मित्तल के रिटायरमेंट के बाद उन्हें दिए जा रहे संभावित सेवा विस्तार को लेकर संस्थान में चर्चाएं तेज हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 70 साल करने का प्रस्ताव अभी केवल प्रक्रिया में है और इसे एसी, ईसी, सरकार तथा विधानसभा की मंजूरी के बाद ही कानूनी मान्यता मिल पाएगी, तो उससे पहले किसी रिटायर्ड डॉक्टर को एक्सटेंशन देने का आधार क्या है।

मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि चिकित्सा अधीक्षक पद के लिए उम्र सीमा और पात्रता को लेकर पहले से नियम निर्धारित हैं। डॉ. कुंदन मित्तल को 63 साल की उम्र में एमएस बनाए जाने को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अब रिटायरमेंट के बाद सेवा विस्तार की कवायद ने एक बार फिर नियमों और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीजीआईएमएस में चर्चा है कि क्या पहले नियम बदले जाएंगे या फिर किसी एक मामले को आधार बनाकर नियमों से पहले ही रास्ता निकाला जा रहा है।

प्रशासनिक पद संभालने वाले डॉक्टर को विभागाध्यक्ष पद छोड़ने का नियम

पीजीआईएमएस में एक अन्य नियम को लेकर भी चर्चा है। इसके अनुसार यदि कोई डॉक्टर प्रशासनिक पद जैसे चिकित्सा अधीक्षक, निदेशक या डीन की जिम्मेदारी संभालता है तो उसे विभागाध्यक्ष (HOD) का पद छोड़ना पड़ता है। मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बताया जा रहा है कि डॉ. कुंदन मित्तल चिकित्सा अधीक्षक के साथ-साथ पीडियाट्रिक विभाग के विभागाध्यक्ष पद पर भी बने रह सकते हैं। संस्थान के डॉक्टरों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या एक ही समय में प्रशासनिक और विभागीय प्रमुख की जिम्मेदारी निभाने की अनुमति नियमों के अनुसार है या नहीं। यदि नियम अलग-अलग पदों की जिम्मेदारी को सीमित करते हैं तो फिर इस मामले में विशेष छूट किस आधार पर दी जा रही है, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।

मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला, डीएमईआर ने नियमों पर मांगी राय

डॉ. कुंदन मित्तल के एक्सटेंशन और उम्र सीमा से जुड़ा मामला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक भी पहुंचा। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय से इस विषय पर डीएमईआर को नियमों के अनुसार स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया। इसके बाद डीएमईआर ने मामला हेल्थ यूनिवर्सिटी के पास भेज दिया और एनएमसी के नियमों के आधार पर राय मांगी गई। अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मौजूदा नियमों में रिटायरमेंट उम्र और प्रशासनिक पदों को लेकर स्पष्ट प्रावधान हैं, तो किस आधार पर एक्सटेंशन देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

70 साल रिटायरमेंट उम्र का प्रस्ताव, लेकिन कानून बनने में लगेगा समय

मामले के बीच डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 70 वर्ष करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर डॉक्टरों से सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद इसे पहले अकादमिक परिषद (AC), फिर कार्यकारी परिषद (EC) में रखा जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव सरकार के पास जाएगा और विधानसभा में मंजूरी के बाद ही यह कानून का रूप ले सकेगा। पूरी प्रक्रिया में काफी समय लगने की संभावना है। ऐसे में पीजीआईएमएस में चर्चा का विषय यह है कि जब तक नया कानून लागू नहीं हो जाता, तब तक मौजूदा नियम ही प्रभावी रहेंगे। सवाल यह है कि प्रस्तावित बदलाव के आधार पर वर्तमान में किसी डॉक्टर को एक्सटेंशन कैसे दिया जा सकता है।

बड़ा सवाल—नियम बदले बिना कैसे मिल सकता है सेवा विस्तार

पीजीआईएमएस में डॉ. कुंदन मित्तल के सेवा विस्तार को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भविष्य में बनने वाले नियमों के आधार पर वर्तमान में फैसला लिया जा सकता है। संस्थान के कई डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी नियम में बदलाव के लिए तय कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। जब तक विधानसभा से मंजूरी और नया कानून लागू नहीं होता, तब तक पुराने नियम ही मान्य रहते हैं। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद एक्सटेंशन देने का आधार क्या है, चिकित्सा अधीक्षक पद की उम्र सीमा कैसे पूरी की जा रही है और विभागाध्यक्ष पद पर बने रहने की अनुमति किस नियम के तहत है, इन सभी सवालों को लेकर पीजीआईएमएस में चर्चा तेज है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और संस्थान प्रशासन इस पूरे मामले में नियमों की स्थिति को किस तरह स्पष्ट करते हैं।

RELATED NEWS
spot_img

Most Popular