- डेडलाइन खत्म होने के बाद भी अधूरा निर्माण, जलभराव, खुले गड्ढे और बंद रास्तों से कारोबार प्रभावित, हर दिन बढ़ रही लोगों की दिक्कत
कविता.रोहतक: सुखपुरा चौक पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का काम तय समय सीमा पार करने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। अब लगातार हो रही बरसात ने निर्माण स्थल की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। अधूरे निर्माण, खुले गड्ढों, कीचड़ और जलभराव के कारण यहां से गुजरना लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है।
दूसरी ओर, बाजार में पहुंचने में हो रही दिक्कतों से दुकानदारों का कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है। करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट शहर के प्रमुख ट्रैफिक जाम को खत्म करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा था, लेकिन वर्तमान में इसकी धीमी रफ्तार लोगों की नाराजगी का कारण बन गई है। बरसात के दौरान निर्माण स्थल पर जगह-जगह पानी भरने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़कें कीचड़ में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे फिसलने और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले निर्माण एजेंसी को सुरक्षा और जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कई जगह बैरिकेडिंग अधूरी है और खुदाई वाले हिस्सों के आसपास चेतावनी के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं हैं।
व्यापारियों का कहना है कि निर्माण कार्य लंबा खिंचने से पहले ही ग्राहक कम हो गए थे, लेकिन अब बारिश के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। बाजार तक पहुंचने में दिक्कत होने से कई लोग खरीदारी के लिए दूसरे बाजारों का रुख कर रहे हैं। इससे दुकानों की बिक्री लगातार गिर रही है।

बरसात में बढ़ी मुश्किलें
बारिश के बाद निर्माण स्थल पर कई स्थानों पर पानी जमा हो जाता है। जलभराव के कारण सड़क और गड्ढों का अंतर समझना मुश्किल हो जाता है। इससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार वाहन फिसलने की घटनाएं भी हो चुकी हैं।
कारोबार पर लगातार असर
सुखपुरा चौक का बाजार पहले शहर के व्यस्त बाजारों में शामिल था, लेकिन लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य के कारण ग्राहकों की आवाजाही लगातार कम हुई है। कई दुकानदारों का कहना है कि बिक्री पहले की तुलना में काफी घट गई है और कुछ व्यापारियों ने दुकानें खाली भी कर दी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
निर्माण स्थल के कई हिस्सों में खुले गड्ढे, अधूरी बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों की कमी लोगों के लिए खतरा बनी हुई है। बरसात के दौरान यह खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते।
लोगों की मांग
स्थानीय निवासी और व्यापारी चाहते हैं कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही बारिश के मौसम को देखते हुए जल निकासी, सुरक्षित बैरिकेडिंग और वैकल्पिक मार्गों की उचित व्यवस्था की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
प्रोजेक्ट एक नजर में
- निर्माण शुरू : मार्च 2024
- निर्धारित अवधि : 18 माह
- कुल लंबाई : लगभग 1.175 किलोमीटर
- अनुमानित लागत : करीब 65.88 करोड़ रुपये
- लगभग 40 पिलरों पर तैयार हो रहा फ्लाईओवर
- सर्विस रोड और पार्किंग की भी योजना


