Friday, May 1, 2026
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रोहतक में प्रॉपर्टी आईडी का झंझट : हजारों लोग समाधान के लिए निगम दफ्तर के चक्कर काट रहे

गरिमा टाइम्स न्यूज.रोहतक :  शहर में प्रॉपर्टी आईडी का मामला अब लोगों के लिए सिरदर्द बन चुका है। डिजिटल सिस्टम के जरिए काम आसान करने का दावा करने वाला नगर निगम खुद ही अपने जाल में उलझता नजर आ रहा है। करीब दो लाख प्रॉपर्टी आईडी स्कैन होने के बावजूद अब तक करीब 60 से 70 हजार का ही वेरिफिकेशन हो पाया है। नतीजा यह है कि लोग रोजाना अपनी समस्याओं के समाधान के लिए निगम दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

निगम कार्यालय की तस्वीरें हालात बयां करने के लिए काफी हैं। सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं, लेकिन शाम तक भी लोगों का काम पूरा नहीं हो पाता। किसी की आईडी में नाम गलत है, तो कहीं क्षेत्रफल में गड़बड़ी सामने आ रही है। कई मामलों में तो प्रॉपर्टी का पूरा रिकॉर्ड ही गलत दर्ज है, जिससे टैक्स जमा कराने से लेकर प्रॉपर्टी बेचने तक में परेशानी आ रही है। लोगों का आरोप है कि बिना वार्ड स्तर पर कैंप लगाए उनकी समस्याएं सुनी ही नहीं जा रहीं। कई लोग बार-बार दफ्तर आने के बाद भी मायूस लौट रहे हैं। ऐसे में अब वार्डों में दोबारा कैंप लगाने की मांग तेज हो गई है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही समाधान मिल सके।

इस वजह से प्रक्रिया लंबी खिंच रही

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में लोग अपने असली दस्तावेज साथ नहीं लाते, जिससे आईडी में सुधार संभव नहीं हो पाता। इसी वजह से प्रक्रिया लंबी खिंच रही है और लोगों को बार-बार आना पड़ रहा है। हालांकि जनता का कहना है कि सिस्टम इतना जटिल बना दिया गया है कि हर बार नई कमी निकाल दी जाती है।

डिजिटल सिस्टम बना परेशानी का कारण

जिस डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता और तेजी आने की उम्मीद थी, वही अब लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। तकनीकी खामियां और डेटा एंट्री में हुई गलतियां लोगों को परेशान कर रही हैं। अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।

अलग काउंटर भी नहीं दे पा रहा राहत

लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम ने प्रॉपर्टी आईडी से जुड़े मामलों के लिए अलग काउंटर तो बना दिया है, लेकिन यहां भी भीड़ का आलम कम नहीं है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी कई लोगों का नंबर नहीं आता, जिससे गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त भी प्रभावित

नगर निगम का दावा है कि पिछले पांच साल से प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियों को ठीक किया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे अलग नजर आती है। अभी भी बड़ी संख्या में आईडी में गलतियां हैं और लोग परेशान हो रहे हैं। अधिकारी मानते हैं कि डेटा एंट्री और तकनीकी खामियों ने काम को धीमा कर दिया है। आईडी ठीक करवाने आए सुशील का कहना है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो समस्या और बढ़ेगी। आईडी में गड़बड़ी के कारण प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त भी प्रभावित हो रही है। कई मामलों में रजिस्ट्री और टैक्स से जुड़े काम अटक रहे हैं।

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