किसी भी वाहन को 50 लीटर से ज्यादा पेट्रोल और 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं मिलेगा
वाहन के लिए सीमा तय उद्योगों की पंपों से खरीद बंद
रोहतक: पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर सरकार ने बड़ी पाबंदी लगा दी है। नए नियमों के तहत अब किसी भी वाहन को एक बार में 200 लीटर से अधिक डीजल और 50 लीटर से अधिक पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। वहीं उद्योगों को पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर रोक लगा दी गई है। उन्हें अब सीधे तेल कंपनियों से ही डीजल और पेट्रोल लेना होगा। यह पाबंदी रोहतक में भी शुक्रवार से ही लागू हो गई है। माना जा रहा है कि यह फैसला ईंधन की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और औद्योगिक खपत की निगरानी को लेकर लिया गया है। इसका असर सबसे ज्यादा उद्योगों और बड़ी मात्रा में तेल खरीदने वालों पर पड़ेगा।
पंपों पर नहीं चलेगी मनमानी खरीद
अब तक कई स्थानों पर वाहन या बड़े कंटेनरों में सैकड़ों लीटर डीजल-पेट्रोल भरवाया जाता था। नई सीमा लागू होने के बाद पेट्रोल पंप संचालक तय मात्रा से अधिक ईंधन नहीं दे सकेंगे। इससे तेल की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित रहेगा और संदिग्ध लेन-देन पर नजर रखना आसान होगा।
उद्योगों के लिए अलग होगी सप्लाई चेन
सरकार ने औद्योगिक इकाइयों को पेट्रोल पंपों से ईंधन लेने से रोक दिया है। अब फैक्ट्रियों और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सीधे तेल कंपनियों से अनुबंध के माध्यम से ईंधन प्राप्त करना होगा। इससे औद्योगिक खपत का सटीक आंकड़ा उपलब्ध होगा और व्यावसायिक तथा खुदरा बिक्री में स्पष्ट अंतर बना रहेगा।
कालाबाजारी पर लगेगी लगाम
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित बिक्री का सबसे बड़ा उद्देश्य ईंधन की कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकना है। कई बार बड़ी मात्रा में डीजल खरीदकर उसे ऊंचे दामों पर बेचने या गैर-अधिकृत उपयोग में लेने की शिकायतें मिलती रही हैं। नई व्यवस्था ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने में मददगार साबित हो सकती है।
परिवहन क्षेत्र को करनी होगी नई रणनीति
लंबी दूरी तय करने वाले ट्रक और भारी वाहन संचालकों को अब अपने फ्यूल मैनेजमेंट पर अधिक ध्यान देना होगा। हालांकि 200 लीटर डीजल की सीमा अधिकांश वाहनों के लिए पर्याप्त मानी जा रही है, लेकिन कुछ ऑपरेटरों को बीच रास्ते में अतिरिक्त बार ईंधन भरवाने की योजना बनानी पड़ सकती है।
आम उपभोक्ता पर असर
कार, बाइक और छोटे व्यावसायिक वाहनों की टंकियां निर्धारित सीमा से काफी कम क्षमता की होती हैं। ऐसे में आम लोगों की दिनचर्या पर इस फैसले का कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। यह नियम मुख्य रूप से बड़े उपभोक्ताओं, उद्योगों और भारी मात्रा में ईंधन खरीदने वालों को प्रभावित करेगा।
सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों होंगे मजबूत
पेट्रोल और डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थों का अनधिकृत भंडारण हमेशा जोखिम भरा माना जाता है। नई व्यवस्था से जहां आग और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा, वहीं ईंधन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य तेल की खुदरा बिक्री को नियंत्रित और जवाबदेह बनाना बताया जा रहा है।
नियम के तहत ही होगी बिक्री
तेल कंपनियों और सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अब पेट्रोल और डीजल की बिक्री निर्धारित सीमा के तहत की जाएगी। पेट्रोल पंप संचालक इन नियमों का पूरी तरह पालन करेंगे। आम उपभोक्ताओं को इससे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी क्योंकि अधिकांश वाहन निर्धारित सीमा से काफी कम ईंधन ही भरवाते हैं।
जहां तक उद्योगों का सवाल है, उनके लिए अलग सप्लाई व्यवस्था बनाई गई है और उन्हें सीधे तेल कंपनियों से ईंधन प्राप्त करना होगा।
— पुनीत कौशिक, प्रधान, पेट्रोल पंप एसोसिएशन, रोहतक।

