Monday, July 27, 2026
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रोहतक में डेंगू की एंट्री : उत्तम विहार में मिला पहला मरीज, 40 टीमें मैदान में

  • एक्शन में स्वास्थ्य विभाग, 1711 सैंपलों की जांच, 491 लोगों को नोटिस*
  • 40 डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर घर-घर कर रहे हैं लार्वा की जांच

कविता. रोहतक : जिले में इस वर्ष डेंगू ने दस्तक दे दी है। उत्तम विहार क्षेत्र में डेंगू का पहला मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्र में सर्वे, लार्वा जांच और फॉगिंग जैसी गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बरसात के मौसम को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग अब तक 1711 डेंगू सैंपलों की जांच कर चुका है और घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

विभाग के अनुसार, अब तक 491 लोगों को नोटिस देकर उनके घरों और आसपास जमा पानी को साफ रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में 40 डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर (DBC) स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ मिलकर घरों और सार्वजनिक स्थानों पर मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहे हैं। साथ ही पैराथरिम और टेमीफोस दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

बरसात के मौसम में डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है। ऐसे में कूलर, गमले, टायर, पानी की टंकियां और छतों पर जमा पानी सबसे बड़ा खतरा बन सकता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यदि समय रहते स्रोतों को खत्म कर दिया जाए तो डेंगू के फैलाव को काफी हद तक रोका जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग को क्या करना चाहिए

डेंगू का पहला मामला मिलने के बाद विभाग को प्रभावित क्षेत्र में लगातार सर्वे, फॉगिंग और एंटी-लार्वा अभियान चलाना चाहिए। स्कूलों, कॉलोनियों और बाजारों में जागरूकता अभियान तेज किए जाएं। जिन स्थानों पर बार-बार लार्वा मिल रहा है, वहां सख्ती से कार्रवाई हो। अस्पतालों में डेंगू जांच, दवाओं और प्लेटलेट्स की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए ताकि मरीजों को परेशानी न हो।

जागरूकता से ही रुकेगा संक्रमण

विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू पर केवल दवाओं से नहीं बल्कि जनभागीदारी से नियंत्रण पाया जा सकता है। यदि हर परिवार अपने घर और आसपास जमा पानी खत्म कर दे तो मच्छरों की संख्या तेजी से कम हो सकती है। इसलिए लोगों को केवल सरकारी अभियान पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं भी जिम्मेदारी निभानी होगी।

डेंगू के लक्षण

  • तेज बुखार (102–104 डिग्री तक)
  • सिर में तेज दर्द
  • आंखों के पीछे दर्द
  • शरीर, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द
  • त्वचा पर लाल चकत्ते या दाने
  • जी मिचलाना या उल्टी कमजोरी और थकान
  • गंभीर स्थिति में प्लेटलेट्स कम होना, नाक या मसूड़ों से खून आना

डेंगू से बचाव के उपाय

  • 1. घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
  • कूलर का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार बदलें।
  • पानी की टंकी, ड्रम और बर्तनों को ढककर रखें।
  • पुराने टायर, गमले, कबाड़ और नारियल के खोल में पानी न ठहरने दें।
  • पूरे बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का उपयोग करें।
  • मच्छररोधी क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें।
  •  सप्ताह में एक दिन “ड्राई डे” मनाकर सभी पानी वाले बर्तनों को खाली और साफ करें।
  •  तेज बुखार या डेंगू जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत सरकारी या नजदीकी अस्पताल में जांच कराएं।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाएं (विशेषकर एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन) न लें।

पिछले वर्षों में डेंगू के मामले

2019: 300 मामले
2020: 221 मामले
2021: 469 मामले
2022: 254 मामले
2023: 304 मामले
2024: 127 मामले
2025: 205 मामले
2026: 1 मामला (अब तक)

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