CISF की नई ताकत: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने पिछले एक वर्ष में कई आधुनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें ड्रोन संचालन, काउंटर-ड्रोन तकनीक, साइबर सुरक्षा, औद्योगिक अग्निशमन, आपदा प्रबंधन और नेतृत्व विकास शामिल हैं। इनका उद्देश्य जवानों की तकनीकी और व्यावसायिक दक्षता को मजबूत करना है।
युद्धक कठोरता और मानसिक तैयारी
भारतीय सेना के सहयोग से CISF ने बैटल इनॉक्युलेशन कार्यक्रम चलाए हैं। इनका मकसद जवानों में मानसिक दृढ़ता, तनाव प्रबंधन, परिस्थितिजन्य जागरूकता और निर्णय क्षमता विकसित करना है। वर्तमान में 657 प्रशिक्षित CISF कर्मी देशभर के 49 हवाई अड्डों पर तैनात हैं। इसके साथ ही परामर्श सत्र, प्रेरक कार्यशालाएँ, टीम-बिल्डिंग अभ्यास और स्वास्थ्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
ड्रोन और एंटी-ड्रोन संचालन
CISF ने ड्रोन संचालन और काउंटर-ड्रोन तकनीक में उल्लेखनीय प्रगति की है। जवानों को हवाई निगरानी, मानचित्रण, टोही, महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया में प्रशिक्षित किया गया है। साथ ही, बल ने अनधिकृत ड्रोन की पहचान और निष्क्रिय करने की क्षमता भी विकसित की है।
इस क्षेत्र में प्रशिक्षण भारतीय वायु सेना के सहयोग से दिया गया है। वर्तमान में CISF के पास 7,120 प्रशिक्षित कर्मी** हैं जो ड्रोन और एंटी-ड्रोन संचालन में दक्ष हैं। इसके अलावा, बल ने IIT कानपुर और DA-IICT पुणे के साथ मिलकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना भी बनाई है।

