India America trade deal: भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर चल रही बातचीत दो दिन की मंत्री-स्तरीय बैठक के बाद भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच पाई है। हालाँकि दोनों देशों ने मार्केट एक्सेस, डिजिटल ट्रेड और नॉन-टैरिफ बैरियर जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की है, लेकिन अगले महीने टैरिफ डेडलाइन से पहले सभी मतभेदों को सुलझाने के कोई साफ़ संकेत नहीं दिख रहे हैं।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने प्रस्तावित व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण पर चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के पास 24 जुलाई को अमेरिका के 10 प्रतिशत अस्थायी टैरिफ सिस्टम के खत्म होने से पहले अंतरिम व्यवस्था बनाने के लिए बहुत कम समय बचा है।
वाणिज्य मंत्रालय ने बातचीत के आखिर में कहा, “दोनों मंत्रियों ने प्रस्तावित समझौते के अहम पहलुओं की व्यापक समीक्षा की, जिसमें बेहतर मार्केट एक्सेस, डिजिटल ट्रेड, सप्लाई चेन की मजबूती और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।” मंत्रालय ने आगे कहा कि दोनों देश ऐसे समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं जो “संतुलित और व्यावसायिक रूप से सार्थक” हो। सोशल मीडिया पर इस बारे में जानकारी देते हुए पीयूष गोयल ने लिखा, “मैं राजदूत ग्रीर के नेतृत्व और दोनों टीमों की लगातार कोशिशों की सराहना करता हूँ, जिन्होंने हमारी बातचीत को रचनात्मक और भविष्योन्मुखी तरीके से आगे बढ़ाया है।”
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हालाँकि आधिकारिक बयान में “काफी” प्रगति का दावा किया गया है, लेकिन आंतरिक मतभेदों को सुलझाने पर चुप्पी बनी हुई है। जानकारों का मानना है कि अगर 24 जुलाई से पहले कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका से होने वाले ज़्यादातर आयात पर फिर से सामान्य टैरिफ दरें लागू हो जाएँगी, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए चुनौतियाँ पैदा हो सकती हैं। अब ध्यान इस बात पर है कि क्या आने वाले दिनों में दोनों देश कोई बीच का रास्ता निकाल पाते हैं या नहीं।

