कविता. रोहतक : आईएमटी फेज-2 और भिवानी रोड पर ड्रेन नंबर-8 के पास सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। कई जगह लाइटें टूटी हुई हैं तो कहीं पोल पर लगी लाइटें बंद हैं। शाम ढलते ही सड़क के कई हिस्से अंधेरे में डूब जाते हैं। इससे पैदल राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्व देने वाले औद्योगिक क्षेत्र आईएमटी में बुनियादी सुविधाओं की यह स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। आईएमटी फेज-2 में सड़कों के किनारे लगी स्ट्रीट लाइटें खराब होने से रात के समय अंधेरा छाया रहता है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां देर शाम तक कर्मचारियों और वाहन चालकों की आवाजाही रहती है। ऐसे में खराब स्ट्रीट लाइटें लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। राहगीरों को अंधेरे में सड़क पर चलने में दिक्कत होती है और वाहन चालकों को भी सड़क के किनारे मौजूद गड्ढों, अवरोधों और अन्य वाहनों को देखने में परेशानी आती है।
ड्रेन नंबर-8 के पास भी लाइटें टूटी
भिवानी रोड पर ड्रेन नंबर-8 के पास भी स्ट्रीट लाइटों की हालत खराब है। सड़क के इस हिस्से में कई स्थानों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कुछ लाइटें खराब पड़ी हैं और कुछ जगहों पर लाइटों के टूटे होने की स्थिति सामने आ रही है। रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को अंधेरे के बीच सफर करना पड़ता है। सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
राजस्व देने वाले क्षेत्र में सुविधाओं की अनदेखी
आईएमटी ऐसा औद्योगिक क्षेत्र है जहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं और क्षेत्र से सरकार को राजस्व भी प्राप्त होता है। इसके बावजूद सड़क जैसी जरूरी सुविधा से जुड़ी स्ट्रीट लाइटों का खराब रहना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उद्यमियों और यहां काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं होना जरूरी है, ताकि रात के समय भी आवागमन सुरक्षित तरीके से हो सके।
खराब स्ट्रीट लाइटों से हादसे का खतरा
सड़कों पर अंधेरा रहने का सीधा असर यातायात सुरक्षा पर पड़ता है। रात में खराब स्ट्रीट लाइटों के कारण वाहन चालकों को सड़क की स्थिति, मोड़, किनारे खड़े वाहन और पैदल चल रहे लोगों को समय पर देख पाना मुश्किल हो सकता है। इससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। वहीं अंधेरे में राहगीरों को असुरक्षा का अहसास रहता है। औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारियों की रात की आवाजाही को देखते हुए यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
जल्द मरम्मत की जरूरत, तभी मिलेगी राहत
स्ट्रीट लाइटों की खराबी दूर करने के लिए संबंधित विभाग को आईएमटी फेज-2 और भिवानी रोड पर ड्रेन नंबर-8 के आसपास की लाइटों का निरीक्षण कराकर तत्काल मरम्मत कराने की जरूरत है। जहां लाइटें टूट चुकी हैं, वहां नई लाइटें लगाई जानी चाहिए। साथ ही नियमित निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि खराब होने के बाद लंबे समय तक लाइटें बंद न रहें। लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करे, ताकि रात के समय सड़क पर पर्याप्त रोशनी और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।


