बाढ़, जलभराव व भारी बारिश से संबंधित शिकायतों के लिए जिला नियंत्रण कक्ष सक्रिय
रोहतक : जिला में मानसून के दौरान हो रही बारिश तथा आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों की तैयारियों की निरंतर समीक्षा करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारी बिना पूर्व अनुमति के अपना मुख्यालय न छोड़ें। सभी अपने-अपने मुख्यालय पर उपलब्ध रहें, ताकि बारिश, जलभराव अथवा मानसून से संबंधित किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों में भी अधिकारियों को मुख्यालय पर उपलब्ध रहने तथा आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नरेंद्र कुमार ने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़के ), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग तथा अन्य संबंधित विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखें। निचले एवं जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए तथा वहां पर्याप्त संख्या में डी-वाटरिंग पंप, मशीनरी, उपकरण एवं मैनपावर पहले से उपलब्ध रखे जाएं। बारिश के पानी की निकासी में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने निर्देश दिए कि मुख्य मार्गों, संपर्क सड़कों, पुलों एवं अन्य महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों को आवागमन के लिए सुरक्षित एवं चालू रखा जाए। खुले मैनहोल, नालियों, सीवर, पुलियों अथवा अन्य खतरनाक स्थानों को तत्काल सुरक्षित, ढकने एवं आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग करने की व्यवस्था की जाए। जलभराव अथवा सड़क पर किसी प्रकार की रुकावट की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने सभी विभागों को जिला प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि भारी बारिश की स्थिति में आवश्यक मशीनरी, संसाधन एवं कर्मचारियों को पूरी तरह तैयार रखा जाए। किसी भी विभाग को अपने स्तर पर प्राप्त होने वाली शिकायत अथवा समस्या के समाधान के लिए अतिरिक्त निर्देशों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। नरेंद्र कुमार ने मानसून के दौरान जलभराव एवं रुके हुए पानी से उत्पन्न होने वाली बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। मलेरिया, डेंगू, जलजनित एवं अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए निगरानी, एंटी-लार्वा गतिविधियां, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल तथा जन-जागरूकता गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। दवाइयों, जांच सुविधाओं एवं आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला बाढ़, सूखा एवं कॉमन कंट्रोल रूम सक्रिय
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जिला बाढ़, सूखा एवं नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखा गया है। आमजन बाढ़, जलभराव, भारी बारिश, जल निकासी, सूखा अथवा किसी अन्य आपदा अथवा आपात स्थिति से संबंधित शिकायत या सूचना कंट्रोल रूम में दे सकते हैं। नियंत्रण कक्ष लघु सचिवालय के प्रथम तल पर स्थित कमरा नंबर 102 में स्थापित किया गया है। आम नागरिक नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर 8950127117 तथा लैंडलाइन नंबर 01262-230401 पर संपर्क कर सकते है।
उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा और कंट्रोल रूम के माध्यम से प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं पर संबंधित विभागों द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नरेंद्र कुमार ने आमजन से भी अपील की कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति अथवा जलभराव की सूचना जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम को तुरंत दें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य मानसून के दौरान सामान्य जनजीवन, यातायात, आवश्यक सेवाओं एवं सार्वजनिक सुविधाओं को सुचारू बनाए रखना है और इस दिशा में सभी संबंधित विभागों को पूरी तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।


