रोहतक : शहर में जगह-जगह खंभों पर लगे बिजली मीटर बॉक्स खुले पड़े होने से हादसे का खतरा बना हुआ है। रामगोपाल कॉलोनी, सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड समेत कई कॉलोनियों में बिजली के मीटर बॉक्स लंबे समय से खुले नजर आ रहे हैं।
खुले बॉक्स में बिजली के तार और कनेक्शन दिखाई देने से आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। सबसे ज्यादा चिंता छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनी हुई है, क्योंकि खेलते समय बच्चे अनजाने में इन खुले बॉक्सों के पास पहुंच सकते हैं।
लापरवाही से बढ़ रहा खतरा
कॉलोनियों में कई स्थानों पर बिजली के खंभों पर लगे मीटर बॉक्स के दरवाजे टूटे हुए हैं या खुले पड़े हैं। कुछ बॉक्स ऐसे स्थानों पर हैं, जहां लोगों और बच्चों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले बिजली बॉक्स किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि पानी और खुले विद्युत कनेक्शन का संपर्क जानलेवा साबित हो सकता है।
बच्चों को लेकर अभिभावक चिंतित
रामगोपाल कॉलोनी और सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के लोगों ने बताया कि घरों के आसपास खुले मीटर बॉक्स देखकर अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता रहती है। बच्चे अक्सर गलियों और आसपास के खाली स्थानों में खेलते हैं। ऐसे में खुले बिजली बॉक्स उनके लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। लोगों का कहना है कि किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय बिजली विभाग को पहले ही इन बॉक्सों को सुरक्षित करना चाहिए।
कई कॉलोनियों में एक जैसी स्थिति
स्थानीय लोगों के अनुसार समस्या केवल एक-दो स्थानों तक सीमित नहीं है। शहर की कई कॉलोनियों में बिजली मीटर बॉक्स खुले पड़े हैं। कहीं बॉक्स के लॉक खराब हैं तो कहीं दरवाजे ही नहीं हैं। लंबे समय से इनकी मरम्मत या सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारियों को ऐसे स्थानों का निरीक्षण कर खुले बॉक्स की पहचान करनी चाहिए, ताकि किसी अनहोनी से पहले समस्या का समाधान हो सके।
विभाग से तुरंत बॉक्स बंद कराने की मांग
शहरवासियों ने बिजली निगम से मांग की है कि रामगोपाल कॉलोनी, सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड सहित सभी प्रभावित कॉलोनियों में खुले पड़े बिजली मीटर बॉक्स को तुरंत बंद करवाया जाए। लोगों का कहना है कि बॉक्स के दरवाजे और लॉक दुरुस्त कर उन्हें सुरक्षित किया जाए, ताकि बच्चों और राहगीरों को किसी प्रकार का खतरा न रहे। लोगों ने विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।


