Ram Mandir Donation Scam: श्रद्धालुओं के दान से जुड़े कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जांच निर्णायक चरण में पहुँच गई है। विशेष जांच टीम (SIT) अयोध्या पहुँचकर मंदिर ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेज़, दानपात्रों से प्राप्त राशि का हिसाब-किताब, बैंकिंग लेनदेन और कर्मचारियों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही है।
जांच के अहम बिंदु
– दान की कुल राशि और गबन का दायरा
– बैंक खातों, ऑडिट रिपोर्ट और रजिस्टरों से मिलान
– क्या घपला व्यक्तिगत है या ट्रस्ट/बैंक अधिकारियों की संलिप्तता है
– कर्मचारियों की आय और संपत्ति का अंतर
– सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी की स्थिति
– यह लापरवाही है या सुनियोजित साजिश
– नकद, बैंक ट्रांसफर या संपत्ति में गबन का तरीका
आरोपों पर सफाई
सेवादार कृष्ण देव तिवारी (केडी) ने वीडियो बयान जारी कर अपने खिलाफ लगे आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनके बेटों ने जमीन खरीदी थी, लेकिन यह उनकी मंदिर सेवा से जुड़ा नहीं है। उनका काम केवल श्रद्धालुओं के गहनों को सुरक्षित ट्रस्ट अधिकारियों तक पहुँचाना था।
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राजनीतिक हलचल
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठा रही हैं। कांग्रेस ने पोस्टर लगाकर मंदिर दान में गबन को “गंभीर पाप” बताया। वहीं, योगी सरकार ने SIT को 15 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है ताकि मामले का जल्द समाधान हो सके।

