पंजाब पुलिस ने अवैध ट्रैवल एजेंसियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 18 ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उक्त एजेंसियां सोशल मीडिया पर विदेश में नौकरी के फर्जी विज्ञापन देकर लोगों से ठगी करती थीं। अब तक कुल 43 ट्रैवल एजेंसियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
डीजीपी एनआरआई प्रवीण कुमार ने कहा कि ये ट्रैवल एजेंट युवाओं को विदेश में नौकरी के लिए लुभाने के लिए आवश्यक लाइसेंस के बिना सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे थे।
इस कार्रवाई के बाद अगस्त, 2024 के महीने में 25 ऐसी अवैध ट्रैवल एजेंसियों के खिलाफ कम से कम 20 एफआईआर दर्ज की गईं। पंजीकरण के बाद लागू किया गया। अब तक दर्ज मामलों में अवैध ट्रैवल एजेंसियों की संख्या 43 तक पहुंच गई है।
बता दें कि प्रोटेक्टोरेट ऑफ इमिग्रेंट्स ने ऐसी ट्रैवल एजेंसियों द्वारा विदेश में नौकरी के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक पर दिए जाने वाले विज्ञापनों को गंभीरता से लिया है।
एडीजीपी एनआरआई मामलों प्रवीण के सिन्हा ने रविवार को कहा कि ये ट्रैवल एजेंसियां आवश्यक लाइसेंस और अनुमति के बिना इंस्टाग्राम और फेसबुक पर विदेशों में नौकरियों का विज्ञापन कर रही थीं।
उन्होंने आगे बताया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों की जांच की गई, उनकी साख को गुप्त रूप से सत्यापित किया गया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं। अमृतसर, एस.ए.एस. सहित राज्य के विभिन्न एनआरआई पुलिस स्टेशनों में आव्रजन अधिनियम की धारा 24/25 के तहत कुल 18 नई एफआईआर दर्ज की गई हैं। नगर, लुधियाना और पटियाला जिले शामिल हैं। बता दें कि दर्ज की गई 18 नई एफआईआर में से 6 एफआईआर सितंबर में और 12 एफआईआर अक्टूबर में दर्ज की गई थीं।
एडीजीपी ने कहा कि अगस्त और सितंबर 2024 में दर्ज की गई इन 26 एफआईआर में कुल 34 आरोपियों में से 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपी ट्रैवल एजेंटों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
एडीजीपी प्रवीण सिन्हा ने नागरिकों से सतर्क रहने और ट्रैवल एजेंटों को दस्तावेज और पैसे सौंपने से पहले अपनी साख सत्यापित करने को कहा। उन्होंने केवल उन्हीं एजेंसियों से संपर्क करने की सलाह दी जिनके पास आव्रजन अधिनियम, 1983 के तहत वैध भर्ती एजेंट (आरए) लाइसेंस और उक्त अधिनियम के तहत जारी एजेंसी लाइसेंस है। उन्होंने आगे कहा कि ट्रैवल एजेंटों से संपर्क करते समय उनकी जांच करने के बाद ही उन पर भरोसा करना चाहिए।