Sunday, September 20, 2026
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गैर-संचारी रोगों में हृदय संबंधी बीमारियां भी शामिल, हरियाणा के 22 जिलों में एनसीडी क्लिनिक स्थापित

चंडीगढ़ : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार गैर-संचारी रोगों (एनसीडी), जिनके हृदय संबंधी बीमारियां भी शामिल हैं, की रोकथाम और नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इन बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम को राज्य के सभी 22 जिलों में लागू किया गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम के तहत सभी 22 जिलों में एनसीडी क्लिनिक स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, 170 उप-मंडल जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा 292 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी एनसीडी क्लिनिक संचालित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की गैर-संचारी रोगों के लिए स्क्रीनिंग की जा रही है। इस स्क्रीनिंग में मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर जैसी बीमारियां शामिल हैं, जिससे समय रहते पहचान और उपचार संभव हो सके।

राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल पर 31 जनवरी 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 1,01,24,147 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से 8,62,764 उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तियों का उपचार शुरू किया गया है, जो सरकार के सक्रिय प्रयासों को दर्शाता है।

आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य आवश्यक औषधि सूची के अनुसार उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए जरूरी दवाएं जिलों में उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम और पंचकूला के जिला नागरिक अस्पतालों में कैथ लैब और कार्डियक सेंटर जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं स्थापित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए इनकी रोकथाम पर विशेष ध्यान दे रहा है। लोगों को प्रमुख जोखिम कारकों से बचने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय गैर-संचारी रोग जागरूकता दिवस भी मनाए जाते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने दोहराया कि सरकार प्रारंभिक जांच, बेहतर उपचार और व्यापक जागरूकता के माध्यम से प्रदेश को गैर-संचारी रोगों से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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