- एक क्लिक में खरीदारी और घर बैठे खाना मंगाने के चलन से छोटे दुकानदारों की चिंता बढ़ी
- रेहड़ी वालों से लेकर मोबाइल कारोबारियों तक पर असर
कविता. रोहतक : बाजार की तस्वीर तेजी से बदल रही है। मोबाइल फोन से लेकर खाने-पीने की चीजों तक ऑनलाइन खरीदारी का चलन बढ़ने से छोटे कारोबारियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। शहर के मोबाइल दुकानदार, रेहड़ी-पटरी पर खाने का सामान बेचने वाले और छोटे व्यापारी अब बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मुकाबला कर रहे हैं।
कुछ साल पहले तक मोबाइल खरीदने के लिए ग्राहक बाजार की दुकानों पर पहुंचते थे। दुकानदार उन्हें फोन के फीचर बताते थे, मॉडल दिखाते थे और ग्राहक वहीं से खरीदारी कर लेते थे। अब स्थिति बदल गई है। ग्राहक दुकान पर मोबाइल देखने के बाद ऑनलाइन कीमत, ऑफर और सुविधाओं की तुलना करते हैं और कई बार कम कीमत मिलने पर फोन इंटरनेट के माध्यम से मंगा लेते हैं।
इसी तरह खाने-पीने के क्षेत्र में भी ऑनलाइन फूड डिलीवरी का असर दिखाई देने लगा है। शहर के कई लोग अब घर बैठे बड़े रेस्टोरेंट और ब्रांडेड आउटलेट से खाना मंगाना पसंद कर रहे हैं। इससे सड़क किनारे छोटी रेहड़ी लगाने वाले दुकानदारों और स्थानीय खान-पान कारोबारियों की बिक्री पर असर पड़ा है।
मोबाइल दुकानदारों के सामने ऑनलाइन कीमतों की चुनौती
रोहतक के छोटे मोबाइल विक्रेताओं मनजीत, मंगला, सोनू, दीपक का कहना है कि ऑनलाइन बाजार में मिलने वाले भारी डिस्काउंट और ऑफर के कारण उनके लिए कीमतों में मुकाबला करना मुश्किल हो गया है। बड़ी कंपनियां कम मार्जिन में ज्यादा बिक्री कर लेती हैं, जबकि छोटे दुकानदारों को दुकान का किराया, बिजली, कर्मचारियों का खर्च और अन्य लागत भी उठानी पड़ती है। अब कई मोबाइल दुकानदार नए फोन बेचने के साथ-साथ मोबाइल रिपेयरिंग, कवर, स्क्रीन गार्ड और अन्य एक्सेसरीज की बिक्री पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
दुकान पर देखने के बाद ऑनलाइन खरीद रहे ग्राहक
ग्राहकों की खरीदारी की आदत में बड़ा बदलाव आया है। पहले लोग बाजार में जाकर दुकानदार की सलाह पर सामान खरीदते थे, लेकिन अब मोबाइल पर कुछ मिनट में कई कंपनियों के दाम और फीचर सामने आ जाते हैं। इससे स्थानीय दुकानदारों के सामने ग्राहक को रोककर रखने की चुनौती बढ़ गई है।
रेहड़ी वालों के कारोबार पर भी पड़ा असर
रोहतक के बाजारों और चौराहों पर चाट, फास्ट फूड, चाय और अन्य खाने-पीने का सामान बेचने वाले छोटे कारोबारी भी बदलाव महसूस कर रहे हैं। ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के कारण ग्राहकों के पास अब घर बैठे कई विकल्प उपलब्ध हैं। रेहड़ी संचालकों की खासियत कम कीमत और स्थानीय स्वाद है, लेकिन ऑनलाइन ऑर्डर की सुविधा और बड़े रेस्टोरेंट के प्रचार के कारण उन्हें ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है।
स्थानीय दुकानदारों की ताकत अभी भी बरकरार
छोटे कारोबारियों के लिए ग्राहकों के साथ व्यक्तिगत संबंध, भरोसा और तुरंत सेवा सबसे बड़ी पूंजी है। कई ग्राहक आज भी स्थानीय दुकानों से खरीदारी करना पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें यहां सामान के साथ सलाह और तुरंत समाधान मिलता है।
डिजिटल तरीके अपनाकर मुकाबले की कोशिश
बदलते समय के साथ रोहतक के कई छोटे व्यापारी भी डिजिटल माध्यमों का सहारा लेने लगे हैं। मोबाइल दुकानदार सोशल मीडिया पर अपने उत्पादों की जानकारी दे रहे हैं, वहीं खाने-पीने वाले छोटे कारोबारी फोन पर ऑर्डर लेने और स्थानीय स्तर पर डिलीवरी जैसी सुविधाएं शुरू कर रहे हैं।
ऑनलाइन और ऑफलाइन के बीच संतुलन जरूरी
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार ऑनलाइन खरीदारी आने वाले समय में और बढ़ेगी। ऐसे में छोटे कारोबारियों को तकनीक से जुड़कर अपनी सेवाओं को बेहतर बनाना होगा। स्थानीय बाजार की पहचान बचाने के लिए डिजिटल सुविधा और व्यक्तिगत सेवा दोनों का संतुलन जरूरी है।
छोटे कारोबारियों के लिए बदलते समय के साथ चलने की जरूरत
रोहतक का बाजार भी देश के दूसरे शहरों की तरह डिजिटल बदलाव से गुजर रहा है। ऑनलाइन खरीदारी ने ग्राहकों को सुविधा दी है, लेकिन छोटे कारोबारियों के सामने प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है। आने वाले समय में वही कारोबारी आगे बढ़ पाएंगे जो बदलती जरूरतों के साथ अपनी सेवाओं में बदलाव करेंगे।


