हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस के पास आज कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। यही कारण है कि वह युवाओं के नाम पर घटिया राजनीति करने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल का लेखा-जोखा देना चाहिए कि उस दौरान युवाओं को कितनी बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री शनिवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के उपरांत मीडिया कर्मियों से बात कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में नौकरियों में खुलेआम बंदरबांट होती थी और अनेक मामलों में न्यायालयों को हस्तक्षेप कर भर्ती प्रक्रियाओं पर रोक लगानी पड़ती थी। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, जबकि आज वही पार्टी युवाओं के नाम पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेताओं के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
सीएम सैनी ने पंजाब में हाल ही में हुई आबकारी निरीक्षक भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले युवाओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय हैं और कांग्रेस को पहले उनसे सवाल करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह उनका धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल में सख्त एवं दूरदर्शी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा हरियाणा सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं। पिछले 12 वर्षों में युवाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि वह भी अपने लंबे शासनकाल में युवाओं के हित में किए गए कार्यों का हिसाब जनता के सामने रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में भी बड़ी कार्रवाई करते हुए अनेक अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए गए हैं। सरकार की मंशा स्पष्ट है कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।


