मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित “वोट चोरी” के मुद्दे पर कार्रवाई की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) के घटक दलों के सांसदों ने दिल्ली में मंगलवार को चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए संसद मार्ग से मार्च निकाला। हालांकि, पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया और कई सांसदों को हिरासत में ले लिया। विपक्षी दलों ने अपने इस प्रदर्शन को “सेव डेमोक्रेसी मार्च” का नाम दिया है।
मार्च के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए और हाथ में तिरंगा लहराया। इसके बाद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को भी हिरासत में लेकर बस में बैठाया गया। हालांकि, दोनों बाद में बस से उतर गए और आकाशवाणी भवन परिसर में एक पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कथित तौर पर “वोट चोरी” में भाजपा की मदद की है। राहुल ने कहा कि वह ज्ञानेश कुमार से मुलाकात किए बिना वहां से नहीं जाएंगे। उन्होंने आज 300 से ज़्यादा विपक्षी सांसद ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे , लेकिन हमें रोक लिया गया। उनकी बात नहीं सुना जाना देश और लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है।
राहुल गांधी ने कहा, विपक्ष के 300 सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं, लेकिन हमें मिलने नहीं दिया जा रहा है।हमें उनसे सवाल पूछना है। अगर उन्होंने ‘वोट चोरी’ न की होती तो वे हमसे मिलने के लिए तैयार हो जाते। मैं जहां बैठता हूं, वहां से पुलिसवाले मुझे हटा देते हैं। मेरा उनसे एक सवाल है- मैं इंडिया गेट, जंतर-मंतर, सड़क…. कहां बैठ सकता हूं, मुझे इस बात का जवाब दें।
वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, हम अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं। सरकार आज़ादी के बाद मिले वयस्क मताधिकार को खत्म करने की कोशिश कर रही है और चुनाव आयोग सरकार की कठपुतली है। वो वही करते हैं जो मोदी और शाह कहते हैं,हम लड़ते रहेंगे।

