Haryana News: हरियाणा में अब जमीन की रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया बेहद आसान और पारदर्शी हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘ऑटो म्यूटेशन प्रणाली’ और ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था के तहत संपत्ति की रजिस्ट्री होते ही इंतकाल अपने आप दर्ज हो जाएगा, यानी अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
नई प्रणाली की खास बातें:
– तत्काल अपॉइंटमेंट: पासपोर्ट सेवा की तरह अब जमीन की रजिस्ट्री के लिए भी तत्काल श्रेणी में अपॉइंटमेंट लिया जा सकेगा।
– ई-केवाईसी अनिवार्य: खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी जरूरी कर दिया गया है।
– ऑनलाइन इंतकाल स्टेटस: नागरिक घर बैठे इंतकाल की स्थिति देख सकेंगे और उसकी कॉपी डाउनलोड कर पाएंगे।
– प्रतिनिधि नियुक्ति: यदि कोई व्यक्ति या संस्था उपस्थित नहीं हो सकती, तो वे प्रतिनिधि नियुक्त कर सकते हैं।
– डिजिटल सुरक्षा: डिजिटल सिग्नेचर और बायोमेट्रिक को अनिवार्य किया गया है।
पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 की तकनीकी सुधार:
– जमीन की श्रेणी: पोर्टल बताएगा कि जमीन ‘प्राइम’ है या ‘नॉन-प्राइम’।
– धारा 7A जानकारी: यदि जमीन पर धारा 7A लागू है, तो यह जानकारी रजिस्ट्री के समय स्क्रीन पर दिखेगी।
– क्यूआर कोड सत्यापन: दस्तावेजों की जांच क्यूआर कोड से होगी।
– ऑटो-होल्ड फीचर: किसी गड़बड़ी पर सिस्टम प्रक्रिया रोक देगा।
– यूजर-फ्रेंडली फॉर्म: आवेदन फॉर्म को आसान बनाया गया है।
नई समय-सीमा और पुराने रिकॉर्ड का समाधान:
– 24 घंटे में इंतकाल: जहां खेवट विभाजन की जरूरत नहीं है, वहां 24 घंटे में इंतकाल मंजूर होगा।
– 10 दिन में निपटारा: खेवट विभाजन वाले मामलों का निपटारा 10 दिन में होगा।
– पुराने लंबित मामले: अगले 15 दिनों में सभी पुराने इंतकाल मामलों का समाधान किया जाएगा।
यह नई प्रणाली नागरिकों का समय और पैसा दोनों बचाएगी और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगी।

