चंडीगढ़ : हरियाणा ने राष्ट्रीय आईजीओटी कर्मयोगी मंच पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग में श्रेणी-बी में प्रथम स्थान हासिल किया है। हरियाणा ने 60.72 अंक प्राप्त किए हैं। यह रैंकिंग सरकारी कर्मचारियों के क्षमता निर्माण तथा निरंतर सीखने की गतिविधियों के आकलन पर आधारित है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत कर्मयोगी भारत द्वारा जारी सूचना के अनुसार, 31 अगस्त, 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार रैंकिंग में हरियाणा ने श्रेणी-बी में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस श्रेणी में 1,00,001 से 5,00,000 तक सरकारी कर्मचारियों वाले राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। हरियाणा के बाद कर्नाटक ने 60.47, तेलंगाना ने 60.39, गुजरात ने 60.18 तथा पंजाब ने 60.06 अंक प्राप्त किए हैं।
यह रैंकिंग आईजीओटी कर्मयोगी मंच के माध्यम से सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के भूमिका-आधारित प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और निरंतर सीखने में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सहभागिता को मापने के उद्देश्य से तैयार की गई है। केंद्र सरकार द्वारा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को समय-समय पर यह रैंकिंग दी जाएगी, ताकि वे अपनी प्रगति का आकलन करते हुए निरंतर सुधार कर सकें।
समग्र रैंकिंग तीन प्रमुख प्रदर्शन मानकों पर आधारित है, जिनके लिए कुल 100 अंक निर्धारित हैं। राज्यों के विभागों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने के लिए 30 प्रतिशत, भूमिका-आधारित ज्ञान के निर्माण के लिए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाने के लिए 30 प्रतिशत, जबकि पंजीकृत अधिकारियों में से पिछले महीने कम से कम एक घंटे का प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों के लिए 40 प्रतिशत भारांक निर्धारित किए गए हैं।
जिन राज्यों के कम से कम 25 प्रतिशत विभागों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार की गई हैं, वे पहले मानक के तहत पूरे 30 अंक प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार, 10 या अधिक लाइव पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाने वाले राज्य दूसरे मानक के तहत पूरे 30 अंक प्राप्त कर सकते हैं।
केंद्र सरकार ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से सभी अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को आईजीओटी कर्मयोगी मंच पर जोड़ने तथा कर्मचारियों की कुल संख्या की पुष्टि करने का अनुरोध किया है। साथ ही, कर्मचारियों को प्रत्येक माह कम से कम एक घंटे का प्रशिक्षण पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
आईजीओटी कर्मयोगी मंच पर सरकारी अधिकारियों के लिए जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, परियोजना प्रबंधन, व्यक्तिगत विकास और डेटा विश्लेषण जैसे विषयों पर 700 से अधिक उन्नत पाठ्यक्रम निःशुल्क उपलब्ध करवाए गए हैं। साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर डेडिकेटेड लर्निंग पाथवे भी शुरू किए गए हैं, जिनमें प्रशिक्षण से पहले और बाद में मूल्यांकन की व्यवस्था है। कर्मचारियों को ‘पब्लिक सर्विस में साइबर सुरक्षा की बुनियाद’ लर्निंग पाथवे पूरा कर ‘साइबर सुरक्षा निपुण’ बैज अर्जित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।

