Wednesday, August 12, 2026
Homeहरियाणारोहतकआपसी सहमति से विवादों के समाधान का सुनहरा अवसर...

आपसी सहमति से विवादों के समाधान का सुनहरा अवसर…

रोहतक :  जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति, सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में देशव्यापी विशेष अभियान मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित ऐसे विवादों का सौहार्दपूर्ण, त्वरित एवं कम खर्चीला समाधान सुनिश्चित करना है, जिनमें आपसी समझौते की संभावना मौजूद है।

डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि विशेष अभियान के तहत 30 सितंबर 2026 तक ऐसे मामलों की पहचान की जाएगी, जिनका समाधान मध्यस्थता के माध्यम से संभव है। इसके पश्चात 1 अक्टूबर 2026 से मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 अभियान का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। डॉ. तरनूम खान ने बताया कि अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के विवादों को मध्यस्थता के लिए चिन्हित किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा संबंधी मामले, घरेलू हिंसा से संबंधित मामले, चेक बाउंस एवं धारा 138 एन.आई. एक्ट से संबंधित मामले, वाणिज्यिक एवं व्यापारिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, विभागीय वसूली संबंधी मामले, संपत्ति विभाजन संबंधी विवाद, बेदखली एवं किरायेदारी विवाद, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले सहित अन्य उपयुक्त सिविल मामले, जिनमें आपसी समझौते की संभावना हो शामिल हैं।

प्राधिकरण की सचिव डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि मध्यस्थता एक ऐसी प्रभावी प्रक्रिया है, जिसमें दोनों पक्ष निष्पक्ष मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति के आधार पर अपने विवाद का समाधान कर सकते हैं। इसके माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया में लगने वाले समय एवं खर्च में कमी आती है तथा पक्षकारों को अनावश्यक मानसिक तनाव से भी राहत मिलती है। साथ ही, मध्यस्थता के माध्यम से आपसी संबंधों को बनाए रखने में भी मदद मिलती है। मध्यस्थता की कार्यवाही गोपनीय होती है और इसमें दोनों पक्ष अपनी सुविधा एवं सहमति के अनुसार समाधान तक पहुंच सकते हैं।

डॉ. तरन्नुम खान ने जिला के सभी नागरिकों, अधिवक्ताओं, सरकारी विभागों, संस्थानों तथा न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकारों से अपील की कि वे मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता को प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि जिन व्यक्तियों के मामले न्यायालयों में लंबित हैं अथवा जो न्यायालय में वाद दायर करने से पहले अपने विवाद का समाधान चाहते हैं, वे जिला न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, रोहतक से संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि अभियान के दौरान मध्यस्थता योग्य मामलों की सूची न्यायालयों के नोटिस बोर्ड, बार एसोसिएशन तथा संबंधित आधिकारिक माध्यमों पर प्रदर्शित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान के बारे में जानकारी मिल सके। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 में सक्रिय भागीदारी निभाएं और विवादों के शांतिपूर्ण, त्वरित एवं स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाएं। मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान न केवल न्यायिक व्यवस्था पर बोझ कम करने में सहायक होगा, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द एवं भाईचारे को भी मजबूत करेगा।

RELATED NEWS
spot_img

Most Popular