कविता.रोहतक : शहर की सड़कों और कॉलोनियों में जगह-जगह खुले पड़े सीवर मैनहोल लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। कहीं ढक्कन पूरी तरह गायब हैं तो कहीं उन्हें हटाकर सड़क किनारे रख दिया गया है। कई स्थानों पर मैनहोल के ढक्कन टूट चुके हैं या सड़क की सतह से नीचे धंस गए हैं। इसके अलावा कई जगह मैनहोल के आसपास सड़क टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। इन हालात में हर दिन हजारों लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
तिलक नगर और रामगोपाल कॉलोनी सहित शहर के कई इलाकों में यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। तिलक नगर में कई मैनहोलों के ढक्कन टूटे या धंसे हुए हैं, जबकि रामगोपाल कॉलोनी में भी कई स्थानों पर खुले और क्षतिग्रस्त मैनहोल लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद केवल औपचारिक कार्रवाई होती है। कुछ जगह चेतावनी के लिए ईंट या डंडे लगा दिए जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि पानी भर जाने से खुले मैनहोल दिखाई नहीं देते और दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
हर राहगीर पर मंडरा रहा हादसे का खतरा
शहर में खुले और क्षतिग्रस्त मैनहोल पैदल चलने वालों, बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं। रात के समय कम रोशनी और बारिश के दौरान जलभराव के कारण इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में जरा सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
तिलक नगर और रामगोपाल कॉलोनी में वर्षों पुरानी समस्या
तिलक नगर में कई मैनहोलों के ढक्कन सड़क से नीचे धंस चुके हैं और उनके आसपास सड़क भी टूट गई है। वहीं रामगोपाल कॉलोनी में भी कई स्थानों पर ढक्कन क्षतिग्रस्त हैं या मैनहोल खुले पड़े हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद स्थायी मरम्मत नहीं कराई जा रही, जिससे हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
खुले मैनहोल बढ़ा रहे बीमारी का खतरा
खुले सीवर मैनहोल से लगातार दुर्गंध फैलती है और मच्छरों का प्रजनन बढ़ता है। बरसात के मौसम में गंदा पानी और सीवर का रिसाव संक्रमण फैलाने का कारण बन सकता है। इससे आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
समय पर मरम्मत नहीं, बढ़ रही लापरवाही
रामकुमार, आनंद, राजेश आदि का कहना है कि संबंधित विभाग टूटे या खुले मैनहोलों की समय पर मरम्मत नहीं करता। कई जगह केवल अस्थायी इंतजाम कर दिए जाते हैं, जबकि स्थायी रूप से नए ढक्कन लगाने और सड़क दुरुस्त करने का काम लंबे समय तक लंबित रहता है।
स्थायी समाधान की उठी मांग
शहरवासियों ने मांग की है कि तिलक नगर, रामगोपाल कॉलोनी और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के सभी मैनहोलों का सर्वे कर तत्काल नए ढक्कन लगाए जाएं। धंसे हुए मैनहोलों को सड़क के स्तर तक लाया जाए और टूटी सड़कों की मरम्मत कर नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।


