रोहतक : गणपति बप्पा की विदाई के दौरान श्रद्धालु उत्साह में नहरों का रुख न करें और खासकर बच्चों को भीड़ के साथ नहरों के पास बिल्कुल न जाने दें। विसर्जन के दौरान नहरों में डूबने के हादसे पहले भी सामने आते रहे हैं, जिनमें बच्चों की जान तक जा चुकी है।
इसी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने इस बार नहरों में प्रतिमा विसर्जन पर पूरी तरह रोक लगाई है। 25 सितंबर को गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन केवल गौकर्ण धाम तालाब में होगा। यहां पुलिस, गोताखोर, नाव, लाइफ जैकेट और एंबुलेंस समेत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जबकि नहरों और पुलों पर भी पुलिस का पहरा रहेगा।
नहरों पर न जाएं, रोक है
गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जिला प्रशासन ने गौकर्ण रोड स्थित गौकर्ण धाम तालाब को निर्धारित किया है। 25 सितंबर को श्रद्धालु इसी तालाब में प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगे। जेएलएन नहर और अन्य नहरों में प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगाई गई है। पुलिस नहरों के पुलों पर निगरानी रखेगी और श्रद्धालुओं को नहरों में प्रतिमाएं विसर्जित करने के बजाय निर्धारित तालाब तक पहुंचने के लिए मार्गदर्शन करेगी।
नहरों में स्नान और पूजा सामग्री डालने पर भी पाबंदी
गणेश विसर्जन के दौरान नहरों में भीड़ जुटने और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को देखते हुए प्रशासन ने जेएलएन कैनाल, वाई-डब्ल्यू-एस कैनाल और अन्य नहरों में स्नान करने तथा हवन सामग्री डालने पर भी प्रतिबंध लगाया है। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नहरों पर निगरानी के लिए पुलिस प्रबंध किए हैं, ताकि श्रद्धालु प्रतिबंधित स्थानों पर न पहुंचें।
तालाब पर गोताखोर, नाव और एंबुलेंस तैनात
गौकर्ण धाम तालाब पर विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां गोताखोरों के साथ नाव और लाइफ जैकेट उपलब्ध रहेंगी। आपात स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाने के लिए एंबुलेंस, प्रशिक्षित चिकित्सकों की टीम, फायर ब्रिगेड और छोटी क्रेन भी तैनात की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और रस्सों की व्यवस्था की गई है। पुलिस अधिकारी लगातार निगरानी रखेंगे।
शोभायात्राओं के रूट पर बदलेगा ट्रैफिक
गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्राओं को निर्धारित मार्गों से गौकर्ण धाम तालाब तक पहुंचाया जाएगा। रास्तों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि शोभायात्राओं के दौरान यातायात प्रभावित न हो। विसर्जन के बाद श्रद्धालुओं की वापसी के दौरान भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। पुलिस की राइडर टीमें भी क्षेत्र में गश्त करेंगी।
धारा 163 लागू
विसर्जन के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। नहरों में प्रतिमा विसर्जन पर रोक के साथ धारा 163 लागू की गई है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से निर्धारित तालाब पर ही विसर्जन करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। भीड़ में बच्चों का विशेष ध्यान रखने और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विसर्जन स्थल से लेकर नहरों तक निगरानी जारी रहेगी।

