रोहतक: जिस पानी से हजारों लोगों की प्यास बुझनी चाहिए, वह जलघर के अंदर ही सड़ रहा है। रोहतक के सेक्टर-1 और 2 के जलघर में सफाई नहीं होने से पानी की हालत ऐसी हो गई है कि उसमें काई जमने के साथ जलीय जीव और छोटे-छोटे पौधे तक उग आए हैं। जिस पानी को ट्रीटमेंट के बाद लोगों के घरों तक पहुंचाया जाता है, उसकी यह स्थिति जलघर की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हजारों लोगों की सेहत से जुड़ा यह मामला जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।
जलघर में काई और गंदगी का जमाव
सेक्टर-1 और 2 के जलघर में सफाई नहीं होने के कारण पानी की हालत लगातार खराब हो रही है। जलघर में जमा पानी में काई फैल गई है और जगह-जगह छोटे-छोटे पौधे उग आए हैं। पानी में जलीय जीव भी दिखाई दे रहे हैं। जलघर की यह स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि लंबे समय से यहां सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पानी को साफ रखने के लिए नियमित सफाई की जरूरत होती है, लेकिन यहां हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं।
*हजारों घरों तक पहुंचता है इसी जलघर का पानी*
सेक्टर-1 और 2 के जलघर से हजारों लोगों को पानी की सप्लाई की जाती है। ऐसे में जलघर में जमा पानी की खराब हालत लोगों की चिंता बढ़ाने वाली है। जिन घरों में इसी जलघर से पानी पहुंचता है, वहां रहने वाले लोगों के मन में पानी की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, सप्लाई होने वाले पानी की गुणवत्ता के बारे में जांच रिपोर्ट के बिना यह नहीं कहा जा सकता कि पानी दूषित है, लेकिन जलघर की मौजूदा स्थिति इसकी नियमित सफाई और निगरानी की जरूरत जरूर बताती है।
*काई और उग आए पौधे सफाई व्यवस्था की खोल रहे पोल*
जलघर में पानी के बीच काई का फैलना और छोटे-छोटे पौधों का उगना सफाई व्यवस्था की बदहाली को दर्शाता है। पानी में जलीय जीवों की मौजूदगी भी जलघर की स्थिति को लेकर सवाल खड़े करती है। जलघर की नियमित सफाई और रखरखाव नहीं होने से ऐसी परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि संबंधित विभाग जलघर की स्थिति का निरीक्षण करे और पानी की गुणवत्ता की जांच करवाए, ताकि लोगों तक पहुंचने वाले पानी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
*पानी की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल, जांच जरूरी*
जलघर में काई, जलीय जीव और पौधों की मौजूदगी के बीच सबसे बड़ा सवाल पानी की गुणवत्ता का है। हजारों लोगों तक पहुंचने वाले पानी की नियमित जांच होना जरूरी है। जलघर की सफाई के साथ पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच करवाई जानी चाहिए, ताकि पता चल सके कि पानी पीने योग्य है या नहीं। यदि पानी की गुणवत्ता में कोई कमी पाई जाती है तो उसे दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। लोगों की सेहत से जुड़े इस मामले में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
*जिम्मेदार विभाग कब जागेगा, लोगों को साफ पानी का इंतजार*
सेक्टर-1 और 2 के जलघर की हालत को देखते हुए अब सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है। जलघर की नियमित सफाई, पानी की गुणवत्ता की जांच और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। हजारों लोगों को सप्लाई होने वाले पानी की स्थिति ऐसी नहीं होनी चाहिए कि उसकी स्वच्छता पर ही सवाल उठने लगें। अब देखना यह है कि विभाग जलघर की सफाई करवाकर पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है या फिर लोग इसी तरह बदहाल व्यवस्था के बीच पानी की सप्लाई पर निर्भर रहने को मजबूर रहेंगे।

