चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गर्मी के मौसम के मद्देनजर प्रदेश के सभी हिस्सों में पीने के पानी की आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। सभी तालाब, जलघर और अन्य जलाशय भरकर रखे जाएं।
यह निर्देश मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को सचिवालय में जन स्वास्थ्य विभाग व सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ पेयजल व कृषि सिंचाई के लिए पानी की स्थिति की समीक्षा करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश व उत्तर प्रदेश से संबंधित किशाऊ सहित अन्य जल परियोजनाओं के संबंध में जल्द ही जल शक्ति मंत्रालय के साथ बैठक की जाएगी जिसमें इन राज्यों के अधिकारी भी शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पेयजल व सिंचाई के पानी की कमी न रहने दी जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल के लिए नहरों से जुड़े सभी जलघरों व तालाबों को भरकर रखा जाए। जहां ट्यूबवेल आधारित जलापूर्ति होती है वहां यदि कोई ट्यूबवेल खराब हो जाता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक करवाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि जरूरत पड़े तो लोगों को टैंकर से भी पानी उपलब्ध करवाया जाए।
इस बार भाखड़ा बांध में पानी की स्थिति अच्छी, पानी का लेवल 36 फीट अधिक
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस बार भाखड़ा बांध में पानी की स्थिति काफी अच्छी है। इस समय भाखड़ा बांध में पानी का लेवल 36 फीट अधिक है। हरियाणा ने भाखड़ा बांध से अपने कोटे का अभी तक केवल 75-76 प्रतिशत पानी ही इस्तेमाल किया है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में जलघरों में पानी की उपलब्धता की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 4000 एकल गांव आधारित जलघर हैं जबकि 2500 जलघर एक से अधिक गांवों के लिए हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी जलघर नहरों से जुड़े हैं और फिलहाल इनमें पर्याप्त पेयजल उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने नहरों की सफाई, मरम्मत व पुननिर्माण कार्यों की भी समीक्षा की और यह सभी कार्य त्वरित गति से करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
गांवों में स्ट्रीट लाइटें और फिरनी से संबंधित कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर करवाए जाएं
नायब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिवों के साथ मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में स्ट्रीट लाइटें और फिरनी से संबंधित कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर करवाए जाएं। मानसून सीजन के मद्देनजर गांवों को जाने वाले रास्तों तथा गांव की फिरनियों पर पौधे लगवाए जाएं। गांवों में सरपंचों से भी ऐसे स्थानों की सूची मांगी जाए जहां पौधे लगाए जा सकें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार तथा जनस्वास्थ्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे.गणेशन सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

