Sunday, July 26, 2026
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श्रीमद्भागवत कथा में गूंजा धर्म का संदेश, कलयुग के चार दोषों से दूर रहने का आह्वान

रोहतक: जनता कॉलोनी स्थित श्री जुगल किशोर मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित अनिल कृष्ण दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सत्संग का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जब-जब मनुष्य धर्म के मार्ग को छोड़कर विषय-वासनाओं के मार्ग पर चलता है, तब उसे राजा परीक्षित की भांति भय और चिंताओं का सामना करना पड़ता है। वहीं सच्चे गुरु की शरण में जाने पर शुकदेव जी की तरह गुरु भगवान के साक्षात दर्शन कराने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

कथावाचक ने बताया कि शास्त्रों में कलयुग का वास चार स्थानों पर माना गया है—जुआ, मदिरापान, वेश्यावृत्ति और स्वर्ण के प्रति अत्यधिक मोह। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत के अनुसार भगवान के भक्त को इन चारों दोषों से दूर रहकर धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान श्री व्यास पूजा एवं श्रीमद्भागवत महापुराण का विधिवत पूजन भी किया गया। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी राजू अत्रि, पंडित विजय पाल दीक्षित, आचार्य गोपाल शास्त्री, बृजेश गोयल, विक्रम गोयल, विजय गोयल सहित श्री बांके बिहारी महिला मंडल की सदस्याएं एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लिया और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

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