कविता.रोहतक: हल्की बारिश ने ही शहर की जल निकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। कुछ देर की बरसात के बाद ही शहर की कई कॉलोनियों में पानी जमा हो गया। कच्चा बेरी रोड, हरि सिंह कॉलोनी, सुनारियां चौक के आसपास, सुखपुरा चौक सहित अनेक क्षेत्रों में बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहा। जगह-जगह सीवर जाम होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालात ऐसे रहे कि वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल निकलने वाले लोगों को भी जलभराव के बीच से गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात से पहले नालों और सीवरों की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में व्यवस्था धराशायी हो जाती है। कई जगह सीवर उफनते रहे और गंदा पानी सड़कों पर फैल गया। इससे नगर निगम की तैयारियों और सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दावों की बारिश, व्यवस्था हुई बेनकाब
बरसात से पहले नगर निगम की ओर से नालों और सीवर लाइनों की सफाई पूरी होने के दावे किए गए थे। अधिकारियों ने शहर को जलभराव से मुक्त रखने की बात कही थी, लेकिन हल्की बारिश ने ही इन दावों की पोल खोल दी। जिन इलाकों में हर साल पानी भरने की समस्या रहती है, वहां इस बार भी कोई ठोस सुधार नजर नहीं आया।
कच्चा बेरी रोड से सुखपुरा चौक तक जलभराव
कच्चा बेरी रोड, हरि सिंह कॉलोनी, सुनारियां चौक, सुखपुरा चौक और आसपास की गलियों में बारिश के बाद पानी भर गया। कई स्थानों पर सड़क और नालियों का अंतर खत्म हो गया, जिससे वाहन चालकों को काफी सावधानी से गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश में ही ऐसे हालात बनना शहर की बदहाल जल निकासी व्यवस्था का प्रमाण है।
सीवर जाम बने सबसे बड़ी परेशानी
कई इलाकों में सीवर जाम होने के कारण बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल सका। गंदा पानी सड़कों पर फैलने से बदबू के साथ संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सीवरों की नियमित सफाई होती तो जलभराव की स्थिति काफी हद तक टाली जा सकती थी।
लोगों ने उठाए जिम्मेदारी पर सवाल
जलभराव से परेशान नागरिकों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर साल एक जैसी समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जाता। लोगों ने मांग की है कि बारिश के मौसम में केवल अस्थायी इंतजामों के बजाय जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत किया जाए।
मौसम ने दी चेतावनी, अब भी नहीं चेते तो बढ़ेगी मुश्किल
शुक्रवार को हुई बारिश ने ही शहर की व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने रख दी है। यदि आने वाले दिनों में तेज बारिश होती है तो जलभराव की समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते सीवरों की सफाई, नालों की नियमित देखरेख और जल निकासी तंत्र को दुरुस्त नहीं किया गया तो लोगों की परेशानी लगातार बढ़ेगी और शहर का सामान्य जनजीवन बार-बार प्रभावित होगा।


