- 30 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा अहमदाबाद इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल
- साइकोलॉजिकल ड्रामा है छात्रों द्वारा तैयार शॉर्ट फिल्म ‘तुरपाई’
रोहतक : दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) द्वारा प्रोड्यूस शॉर्ट फिल्म ‘तुरपाई’ को अहमदाबाद इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (एआईएफएफ) के लिए नामांकित किया गया है। एआईएफएफ 30 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चलेगा। सुपवा के छात्रों द्वारा तैयार साइकोलॉजिकल ड्रामा ‘तुरपाई’ की स्क्रीनिंग एआईएफएफ के दौरान होगी।
‘तुरपाई’ का निर्देशन 2018 बैच के एक्टिंग ग्रेजुएशन कोर्स के छात्र विशाल कुमार ने किया है। विशाल ने इसमें अभिनय भी किया है। इसके छायाकार हर्षित ढुल रहे, जबकि संपादन का कार्य अजय मित्तल ने किया। ध्वनि संयोजन की जिम्मेदारी हिमांग पाली ने निभाई। ‘तुरपाई’ एक लेखक शिरीष नेगी की कहानी है, जो पिता के साये और मां की चेतावनियों से ग्रस्त है। इस साइकोलॉजिकल ड्रामा में तुरपाई को जीवन की सिलाई का रूपक बताया गया है।
कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने बताया कि सुपवा द्वारा प्रोड्यूस शॉर्ट फिल्म ‘तुरपाई’ का निर्माण फिल्म एवं टेलीविजन फैकेल्टी में पढ़े छात्रों ने किया है। ये छात्रों के कोर्स का हिस्सा हैं, जिसके निर्माण में अदाकारी, म्यूजिक, ड्रेस डिजाइनिंग से लेकर डायरेक्शन तक की जिम्मेदारी स्वयं छात्रों ने निभाई है।
उन्होंने कहा कि यहां की फिल्मों का इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पहुंचना सुपवा परिवार के लिए खुशी की बात है। इससे साबित होता है कि यहां विश्वस्तरीय संसाधन मौजूद हैं, जिनसे छात्र हूबहू उसी पैटर्न पर फिल्म व डॉक्यूमेंट्री का निर्माण करते हैं, जैसे बॉलीवुड या हॉलीवुड में किसी मूवी का निर्माण होता है।
डॉ आर्य ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में सुपवा व यहां के छात्रों की शॉर्ट फिल्म का चयन होना हर किसी के लिए गर्व की बात है। फिल्म के कलाकारों व बाकी क्रू ने इसके लिए कड़ी मेहनत की। उम्मीद है यह शॉर्ट फिल्म एआईएफएफ के ज्यूरी सदस्यों का अपनी ओर ध्यान आकर्षित करते हुए अवार्ड हासिल करेगी।

