- गऊ कर्ण के समीप जल निकासी के लिए 18 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होगा नया डिस्पोजल, अगले सप्ताह कार्य होगा शुरू
रोहतक : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि अधिकारी शहरी क्षेत्र में जलभराव को रोकने के लिए सभी प्रबंध करना सुनिश्चित करें। शहरी क्षेत्र से जल निकासी के लिए जारी परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण किया जाये। नालों की सफाई करवाकर गाद को उठवाया जाए। जिला प्रशासन शहरी क्षेत्र में जलभराव को रोकने एवं जल निकासी के प्रभावी प्रबंधों के लिए निरंतर प्रयासरत है।
सचिन गुप्ता गुरुवार को नगर निगम आयुक्त नरेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त नमिता सिंह तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ शहरी क्षेत्र में जलभराव को रोकने के लिए किए जा रहे प्रबंधों का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न बिंदुओं पर शिविर व नालों की सफाई, नाले का निर्माण का जायजा लेने के दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि गत वर्ष जलभराव से संबंधित बिंदुओं पर जलभराव को रोकने के लिए सभी प्रबंध करें तथा इसके साथ-साथ जल निकासी के लिए भी पुख्ता प्रबंध करवाएं। उन्होंने सभी विभागों को मानसून से पूर्व नालियों एवं नालों की गाद निकालना, मशीनरी व पंपों की तत्परता, मानसून के दौरान समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र तथा वर्षा के बाद जल निकासी के प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने सर्वप्रथम अप्पूघर का निरीक्षण किया। उन्होंने अप्पूघर में जल निकासी के लिए लगाये गए पंप सेट का अवलोकन किया तथा मौके पर पंप सेट को चलवाकर देखा। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को अप्पूघर के साथ जलाशय में जल संग्रहण के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिये। उन्होंने इसके उपरांत स्थानीय गोहाना रोड़ पर नगर निगम द्वारा निर्माणाधीन नाले का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस कार्य को शीघ्र पूर्ण करवाया जाए। नगर निगम द्वारा लगभग 700 मीटर लंबाई के नाले का स्थानीय टीबी अस्पताल के नजदीक निर्माण करवाया जा रहा है, जो शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जाएगा। इस नाले के निर्माण के लिए एक करोड़ 35 लाख रुपये की राशि स्वीकृत है।

सचिन गुप्ता ने इसके उपरांत स्थानीय सुखपुरा चौक पर नालों की सफाई का निरीक्षण किया तथा नगर निगम के अधिकारियों को नालों से निकाली जा रही गाद व पॉलीथिन को साथ-साथ उठवाने के निर्देश दिए ताकि यह गंदगी दोबारा नालों में न बहें। उन्होंने सुखपुरा चौक पर निर्माणाधीन फ्लाईऑवर का भी अवलोकन किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शहर में नगर निगम द्वारा निगम से संबंधित जल निकासी ड्रेन व नालों की सफाई के कार्य को समयबद्घ पूर्ण करवाया जाये।
उपायुक्त ने अधिकारियों की टीम के साथ स्थानीय गऊकरण तीर्थ स्थल के समीप लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित डिस्पोजल स्थल का भी निरीक्षण किया। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा इस क्षेत्र से जल निकासी के लिए ड्रेन नंबर 8 तक लगभग साढे 4 किलोमीटर लंबी 700 मिलीमीटर की डीआई पाइप लाइन डाला जाना प्रस्तावित है तथा डिस्पोजल स्थल पर 5 पंप सेट भी लगाये जायेंगे। इस डिस्पोजल का वर्क अलॉट कर दिया गया है। यह कार्य अगले सप्ताह शुरू कर दिया जायेगा तथा अगले वर्ष मॉनसून सीजन में इसका लाभ स्थानीय निवासी निवासियों को मिलेगा।
इस अवसर पर जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव कुमार, नगर निगम के कार्यकारी अभियंता योगराज छिक्कारा एवं मनजीत दहिया स्थित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद है।

