Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज पंजाब पुलिस की स्पेशल यूनिट्स—यानी काउंटर इंटेलिजेंस, एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स—की ऑपरेशनल तैयारी और परफॉर्मेंस की समीक्षा की। बैठक में ADGP (काउंटर इंटेलिजेंस) अमित प्रसाद, ADGP (एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स) प्रमोद बान और ADGP (एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स) नीलाभ किशोर समेत कई सीनियर अधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने ‘ओवरसीज भगोड़े ट्रैकिंग और प्रत्यर्पण सेल’ के कामकाज की समीक्षा की, जिसका नेतृत्व IG रैंक के अधिकारी करते हैं। …इसका नेतृत्व आशीष चौधरी कर रहे हैं। जनवरी 2026 में शुरू होने के बाद से, इस सेल ने अपने पहले आठ महीनों में 10 भगोड़ों की भारत वापसी में सफलतापूर्वक मदद की है। इसमें नौ लोगों का डिपोर्टेशन और एक महत्वपूर्ण प्रत्यर्पण शामिल है। माननीय मुख्यमंत्री ने इस खास सिस्टम को मजबूत करने में AIG डी. सुदारविझी और SP दीपिका सिंह के प्रयासों की सराहना की।
SP बिक्रम बरार ने माननीय मुख्यमंत्री को मोल्दोवा गणराज्य से मिला एक स्मृति-चिह्न भेंट किया। यह स्मृति-चिह्न मोल्दोवा के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मिला था, जिससे यूरोप के मोल्दोवा से भगोड़े अपराधी अमृतपाल सिंह (उर्फ अमृत डलम)—जो जग्गू भगवानपुरिया गैंग का मुख्य सदस्य है—के प्रत्यर्पण में मदद मिली। माननीय मुख्यमंत्री ने एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स पंजाब और DSP राजन परमिंदर सिंह के नेतृत्व वाली टीम की ऑपरेशनल उपलब्धियों की सराहना की।
पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस-आधारित ऑपरेशन, अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल और भगोड़ों व उनके साथियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के जरिए संगठित अपराध और ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।


