कविता. रोहतक : शहर की सड़कों पर विभिन्न स्थानों पर खुले पड़े गड्ढे लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भरने से इनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। शहर के प्रमुख मार्गों और चौकों पर लंबे समय से खुले पड़े गड्ढों की ओर संबंधित विभाग का ध्यान नहीं जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते इनकी मरम्मत नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
सबसे अधिक चिंता गोहाना अड्डे के पास बने गड्ढे को लेकर है। यहां विभाग ने किसी कार्य के लिए सड़क खोदी, लेकिन काम पूरा होने के बाद गड्ढे को बंद नहीं किया गया। सड़क के बीच बने इस गड्ढे के कारण वाहन चालकों को हर समय सावधानी बरतनी पड़ती है। बरसात के दौरान यहां पानी भरने से स्थिति और खतरनाक हो जाती है। इसी तरह सेक्टर 2-3 की मार्केट में भी किनारे पर एक गड्डा कई साल से बना हुआ है, यहां भी वाहन चालक फंसते हैं। लेकिन आज तक इसे ठीक नहीं किया गया।
इसी प्रकार सुखपुरा चौक पर भी सड़क पर बड़ा गड्ढा बना हुआ है। यह क्षेत्र दिनभर व्यस्त रहता है और भारी संख्या में दोपहिया व चारपहिया वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
शहरवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए सभी खुले गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरवाया जाए। साथ ही जहां निर्माण कार्य चल रहा है वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं, ताकि लोगों की जान जोखिम में न पड़े।

गोहाना अड्डे पर महीनों से खुला पड़ा गड्ढा
गोहाना अड्डे के पास विभाग ने किसी निर्माण या मरम्मत कार्य के लिए सड़क खोदी थी, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद गड्ढे को बंद नहीं किया गया। यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है, जहां दिनभर भारी वाहनों के साथ बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन भी गुजरते हैं। खुले गड्ढे के कारण वाहन चालकों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बारिश होने पर गड्ढे में पानी भर जाता है और इसकी गहराई दिखाई नहीं देती।
सुखपुरा चौक पर हर दिन बनी रहती है हादसे की आशंका
सुखपुरा चौक पर सड़क के बीच बना बड़ा गड्ढा लंबे समय से लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। यह चौराहा कई कॉलोनियों और मुख्य मार्गों को जोड़ता है, इसलिए यहां पूरे दिन यातायात का दबाव रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दोपहिया वाहन चालक गड्ढे में फंसकर गिर चुके हैं, जबकि चारपहिया वाहनों को भी अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं। समय रहते मरम्मत नहीं होने से यहां किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
बरसात में कई गुना बढ़ जाता है खतरा
बरसात के मौसम में सड़क पर बने गड्ढे सबसे अधिक खतरनाक साबित होते हैं। बारिश का पानी भरने से गड्ढों का आकार और गहराई दिखाई नहीं देती। ऐसे में वाहन चालक सामान्य सड़क समझकर आगे बढ़ जाते हैं और अचानक वाहन गड्ढे में उतरने से संतुलन बिगड़ जाता है। रात के समय और कम रोशनी में यह खतरा और बढ़ जाता है। विशेषज्ञ भी बरसात में सड़क की खराब स्थिति को दुर्घटनाओं की बड़ी वजह मानते हैं।
सुरक्षा इंतजामों का भी नहीं रखा गया ध्यान
जिन स्थानों पर सड़क खोदी गई है, वहां कई जगह न तो पर्याप्त बैरिकेड लगाए गए हैं और न ही चेतावनी संकेत बोर्ड लगाए गए हैं। रात के समय रिफ्लेक्टर या फ्लैश लाइट जैसी व्यवस्था भी नजर नहीं आती। ऐसे में बाहर से आने वाले वाहन चालक अचानक खुले गड्ढे के सामने पहुंच जाते हैं। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए तो कई हादसों को रोका जा सकता है।
लोगों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
शहरवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए सभी खुले गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। जहां निर्माण कार्य चल रहा है, वहां मजबूत बैरिकेड, चेतावनी बोर्ड और रात के समय रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। लोगों का कहना है कि सड़कें सुरक्षित होंगी तो दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा और आमजन को राहत मिलेगी।


