Friday, October 30, 2026
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10 रुपये में खाना : अटल श्रमिक किसान कैंटीन बनी किसानों और मजदूरों का सहारा

धान के सीजन में हरियाणा सरकार की अटल कैंटीन योजना मजदूरों एवं किसानों के लिए सहारा बनी हुई है। काम की भागदौड़ के बीच मजदूरों व किसानों को खाने की चिंता नहीं है। मंडियों में दस रुपये में स्वास्थ्यवर्धक खाना मुहैया करवाया जा रहा है। इस कैंटीन की मुख्य विशेषता यह है कि किसानों और मजदूरों को सिर्फ 10 रुपये में भरपेट और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

कैथल डीसी अपराजिता द्वारा धान खरीद के साथ-साथ लगातार भोजन की गुणवत्ता से लेकर निर्बाध आपूर्ति तक की जानकारी ली जा रही है। डीसी जहां किसानों की धान की बिक्री, बिक्री के बाद उठान पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं, वहीं मंडियों में किसानों, मजदूरों सहित आढ़तियों को दी जाने वाली सुविधाओं को लेकर लगातार अपडेट ले रही हैं। इसी के तहत उन्होंने सरकार द्वारा संचालित की जा रही अटल कैंटीन योजना के तहत दिए जाने वाले खाने को लेकर लगातार निगरानी की है। जिले की अनाज मंडियों में इस समय आठ कैंटीन चल रही हैं। जहां सीजन में हर रोज लगभग दो हजार से अधिक की संख्या में किसान, मजदूर व आढ़ती खाना खा रहे हैं। इस खाने में हर रोज मौसमी सब्जी, दाल, चपाती व चावल दिए जा रहे हैं।

डीसी अपराजिता ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि मंडी में आने वाले किसानों, वहां काम करने वाले मजदूरों सहित अन्य किसी भी व्यक्ति को खाने संबंधी परेशानी न हो। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। खाने की गुणवत्ता के साथ-साथ समय पर र्प्याप्त खाना किसानों सहित सभी आने वाले लोगों को मिले। साथ ही उन्हें पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलें।

आठ मंडियों में चल रही हैं अटल कैंटीन-जिले की आठ अनाज मंडियों में अटल कैंटीन चल रही हैं। यहां महज दस रुपये में एक थाली दी जाती है। इस थाली में आमतौर पर एक दाल, एक सब्जी, चार चपाती और चावल दिए जाते हैं (इसके अलावा कुछ स्थानों पर लस्सी या अन्य चीजें भी शामिल होती हैं)। भोजन की लागत को कम रखने के लिए हरियाणा सरकार/मार्केटिंग बोर्ड द्वारा प्रति थाली करीब 15 रुपये की सब्सिडी दी जाती है।

स्वयं सहायता समूह की महिलाएं चला रही हैं कैंटीन-मंडियों में कैंटीनों का संचालन स्थानीय महिलाओं के स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जाता है, जिससे महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता मिलती है। यह कैंटीन आमतौर पर दोपहर के भोजन के समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुली रहती है। कैंटीनों में साफ-सफाई के साथ-साथ बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था, पेयजल, फ्रिज, गैस बर्नर, सीसीटीवी कैमरे और बिलिंग/कूपन मशीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जिले में कैथल, चीका, कलायत, पूंडरी, सीवन, ढांड, पाई सहित सभी मंडियों में यह अटल श्रमिक किसान कैंटीन चलाई जा रही है, जिसमें किसानों, मजदूरों व आम नागरिकों को काफी लाभ मिल रहा है।

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