महर्षि दयानन्द यूनिवर्सिटी रोहतक (MDU) के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए विशेष अवसर (मर्सी चांस) की घोषणा की है। अब वे विद्यार्थी, जो निर्धारित मौकों में अपनी डिग्री पूरी नहीं कर सके थे, एक बार फिर परीक्षा देकर अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि यह कदम विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि वे अपनी डिग्री पूरी कर सकें और आगे बढ़ सकें।
एमडीयू द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार वर्ष 2001 के बाद पंजीकृत विद्यार्थी इस विशेष अवसर का लाभ उठा सकेंगे। जरूरत पड़ने पर कुलपति द्वारा गठित समिति पुराने मामलों पर भी विचार कर सकती है। सभी परीक्षाएं केवल विश्वविद्यालय परिसर में ऑफलाइन माध्यम से आयोजित होंगी।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. राहुल ऋषि ने बताया कि मर्सी चांस की परीक्षाएं अगस्त 2026 में संभावित हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 मई से 5 जून 2026 तक चलेगी। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि आवेदन से पहले विद्यार्थी अपनी पात्रता अवश्य जांच लें, क्योंकि अपात्र पाए जाने पर शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।
स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए पहली बार मर्सी चांस लेने पर 15 हजार रुपये, दूसरी बार 18 हजार रुपये और उससे अधिक बार के लिए 21 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, व्यावसायिक पाठ्यक्रम जैसे एमबीए, एलएलबी, एमसीए, बीटेक आदि के लिए यह शुल्क क्रमशः 20 हजार, 24 हजार और 27 हजार रुपये तय किया गया है।
परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल पुनः परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थी अपने अंकों में सुधार भी कर सकेंगे। हालांकि, बीएड पाठ्यक्रम में सुधार की अनुमति नहीं होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि विद्यार्थी आवेदन से पहले सभी नियमों और पात्रता की जानकारी अच्छी तरह पढ़ लें। निर्धारित समय के बाद कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

