Monday, June 1, 2026
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पेट्रोल पंपों पर बढ़ा खतरा, सुरक्षा को लेकर एकजुट हुए डीलर

तेल भरवाओ और भाग जाओ गैंग का डर, डीलरों ने मांगी कड़ी निगरानी
पुलिस गश्त और आर्म्स लाइसेंस की मांग
सुरक्षा के लिए एसपी से मिलेंगे डीलर
मायना में हुई बैठक, पेट्रोल पंपों की सुरक्षा को लेकर बनाई रणनीति

रोहतक।
जिले में पेट्रोल पंपों पर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच झज्जर रोड स्थित मायना गांव के एक पेट्रोल पंप पर डीलरों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य विषय हाल ही में हुई उस घटना को लेकर रहा, जिसमें बिना नंबर की गाड़ी में आए व्यक्ति ने करीब 5 हजार रुपये का तेल डलवाया और भुगतान किए बिना फरार हो गया।
घटना के बाद जिले भर के पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है। डीलरों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक नुकसान का भी खतरा बना रहता है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर सुरक्षा संबंधी मांगें रखी जाएंगी।

शाम के समय पुलिस गश्त की मांग
डीलरों ने मांग उठाई कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर विशेष रूप से शाम और रात के समय स्थानीय पुलिस की नियमित गश्त सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि अधिकांश घटनाएं अंधेरा होने के बाद सामने आती हैं, ऐसे में पुलिस की मौजूदगी अपराधियों पर अंकुश लगा सकती है।

थाना स्तर पर नियमित बैठकें हों
बैठक में सुझाव दिया गया कि प्रत्येक थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के पेट्रोल पंप संचालकों के साथ समय-समय पर बैठक आयोजित करें। इससे सुरक्षा संबंधी समस्याओं पर सीधे चर्चा होगी और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक तुरंत पहुंच सकेगी।

जरूरतमंद डीलरों को हथियार लाइसेंस मिले
पेट्रोल पंप संचालकों ने कहा कि कई पंप शहर से दूर और सुनसान क्षेत्रों में स्थित हैं। ऐसे में जरूरत के अनुसार पेट्रोल पंप मालिकों को आर्म्स लाइसेंस जारी किए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे अपनी और कर्मचारियों की सुरक्षा कर सकें।

कर्मचारियों में बढ़ रहा डर
डीलरों ने बताया कि भुगतान किए बिना फरार होने और लूटपाट की आशंका जैसी घटनाओं के कारण कर्मचारियों में डर का माहौल है। कई कर्मचारी देर रात की शिफ्ट में काम करने से भी हिचकिचाने लगे हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है।

हर पेट्रोल पंप पर बने सुरक्षा प्रोटोकॉल
बैठक में यह भी सुझाव सामने आया कि सभी पेट्रोल पंपों पर हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी अलार्म सिस्टम और संदिग्ध वाहनों की सूचना साझा करने के लिए एक साझा नेटवर्क बनाया जाए। इससे अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में आसानी होगी।

एसपी के समक्ष रखी जाएंगी ये प्रमुख मांगें
सभी पेट्रोल पंपों पर शाम के समय नियमित पुलिस गश्त।
थाना स्तर पर डीलरों के साथ मासिक बैठकें।
जरूरतमंद पेट्रोल पंप मालिकों को आर्म्स लाइसेंस।
संवेदनशील पंपों की सुरक्षा ऑडिट।
संदिग्ध वाहनों और अपराधियों का साझा पुलिस अलर्ट सिस्टम।

डीलरों ने जताई एकजुटता
मायना स्थित पेट्रोल पंप पर आयोजित बैठक में पुनीत कौशिक, रविंदर नांदल, विकास पंघाल, राकेश धींगड़ा, कुलदीप राठी, युवराज छिक्कारा, आशीष शर्मा, श्याम लाल सहित अनेक पेट्रोल पंप डीलर मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि पेट्रोल पंप केवल व्यवसायिक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि आम जनता की आवश्यक सेवा से जुड़े केंद्र हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

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