कविता.रोहतक: हरियाणा सरकार खेल नर्सरियों में सेवाएं दे रहे प्रशिक्षकों का मानदेय बढ़ाने की तैयारी में है। सरकार के संकल्प पत्र-2024 में किए गए वादे को लागू करने की दिशा में खेल विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग ने सभी जिला खेल अधिकारियों (डीएसओ) को पत्र जारी कर दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) से प्रशिक्षित कोचों का मासिक मानदेय 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये और अन्य प्रशिक्षकों का मानदेय 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 40 हजार रुपये किए जाने की तैयारी है। इससे प्रदेशभर की खेल नर्सरियों में कार्यरत सैकड़ों प्रशिक्षकों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि बेहतर मानदेय मिलने से प्रशिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और खिलाड़ियों को भी उच्च स्तर का प्रशिक्षण मिल सकेगा। खेल विभाग ने जिलों से यह भी जानकारी मांगी है कि वर्तमान में कितनी खेल नर्सरियां संचालित हैं, उनमें कितने प्रशिक्षक कार्यरत हैं और बढ़े हुए मानदेय से सरकार पर कितना अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
चुनावी वादा पूरा करेंगे
विधानसभा चुनाव-2024 के दौरान भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में खेल नर्सरी प्रशिक्षकों का मानदेय बढ़ाने का वादा किया था। अब सरकार ने इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खेल विभाग ने इसे प्राथमिकता वाले मामलों में शामिल करते हुए जिलों से तत्काल रिपोर्ट तलब की है।
एनआईएस और अन्य प्रशिक्षकों दोनों को मिलेगा लाभ
प्रस्ताव के मुताबिक एनआईएस प्रशिक्षकों का मानदेय 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया जाएगा। वहीं अन्य प्रशिक्षकों का मानदेय 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 40 हजार रुपये करने की तैयारी है। यानी दोनों श्रेणियों के प्रशिक्षकों का मानदेय लगभग दोगुना हो जाएगा।
दो दिन में मांगी पूरी जानकारी
खेल विभाग ने सभी जिला खेल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे दो दिन के भीतर अपने जिले की खेल नर्सरियों का पूरा ब्यौरा भेजें। इसमें प्रशिक्षकों की संख्या, वर्तमान मानदेय, खेल नर्सरियों की स्थिति और प्रस्ताव लागू होने पर होने वाले अतिरिक्त खर्च का विवरण शामिल होगा।
खिलाड़ियों को भी मिलेगा फायदा
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर मानदेय मिलने से प्रशिक्षकों का पलायन रुकेगा और अनुभवी कोच लंबे समय तक खेल नर्सरियों से जुड़े रहेंगे। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों को गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण मिलेगा और प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को और बेहतर मंच मिल सकेगा।
बजट और मंजूरी के बाद होगा अंतिम फैसला
जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद खेल विभाग पूरे वित्तीय प्रस्ताव को अंतिम रूप देगा। इसके बाद सरकार की मंजूरी और बजट स्वीकृति के उपरांत नए मानदेय की घोषणा की जा सकती है। यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है तो प्रशिक्षकों को जल्द ही बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलने की उम्मीद है।

