कविता.रोहतक : जींद बाईपास से लेकर गोपाल डेरा, इंदिरा कॉलोनी और आसपास की बस्तियों में रहने वाले हजारों लोगों के लिए राहत की खबर है।
वर्षों से घरों और गलियों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन को अब आबादी वाले क्षेत्र से बाहर ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है। बिजली निगम ने तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी और बजट मिलते ही लाइन शिफ्ट करने का काम शुरू किया जाएगा।
इन इलाकों में कई मकानों की छतों और बालकनियों के बेहद करीब से हाईटेंशन तार गुजरते हैं। समय के साथ कॉलोनियों का विस्तार हुआ और मकान ऊंचे होते गए, लेकिन बिजली लाइन का रास्ता नहीं बदला। नतीजा यह रहा कि लोगों को हर समय दुर्घटना का डर सताता रहा। कई परिवार वर्षों से इस खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं।
बरसात और आंधी में बढ़ जाती थी चिंता
मौसम खराब होते ही स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ जाती थी। तेज हवा, बारिश या तारों के हिलने की स्थिति में लोग बच्चों को छतों पर जाने से रोकते थे। कई बार बिजली के तारों से जुड़े हादसों की खबरें सामने आने के बाद लोगों में डर और बढ़ गया। यही कारण रहा कि लंबे समय से लाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग उठाई जा रही थी।
हादसों ने बढ़ाया दबाव
स्थानीय लोगों के अनुसार इस लाइन के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। बिजली की चपेट में आने से जान जाने और लोगों के झुलसने की घटनाओं ने समस्या की गंभीरता को उजागर किया। इन घटनाओं के बाद लोगों ने निगम और प्रशासन के सामने बार-बार सुरक्षा का मुद्दा उठाया। आखिरकार अब इस दिशा में ठोस कदम बढ़ाया गया है।
सर्वे पूरा, अब मंजूरी का इंतजार
बिजली निगम की ओर से प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी सर्वे कराया जा चुका है। अधिकारियों ने लाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने के संभावित विकल्पों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की है। इसी आधार पर विस्तृत प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। अब अंतिम मंजूरी और बजट स्वीकृति के बाद कार्य शुरू होने का रास्ता साफ होगा।
हजारों परिवारों को मिलेगी राहत
यदि योजना को मंजूरी मिल जाती है तो इसका सीधा लाभ हजारों लोगों को मिलेगा। रिहायशी इलाकों में दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा और लोग बिना डर के अपने घरों की छतों और आसपास के क्षेत्रों का उपयोग कर सकेंगे। साथ ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगी।
लोगों की उम्मीदें फिर जगीं
लाइन शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू होने की खबर से स्थानीय निवासियों में उत्साह है। लोगों का कहना है कि वे वर्षों से इस समस्या से परेशान थे और अब पहली बार समाधान की दिशा में ठोस पहल दिखाई दे रही है। उन्हें उम्मीद है कि मंजूरी की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और इलाके को इस स्थायी खतरे से मुक्ति मिलेगी।
बजट मिलते ही शुरू होगा काम
बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा जा चुका है। विभागीय मंजूरी और बजट स्वीकृत होने के बाद निर्माण और शिफ्टिंग कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक यह परियोजना पूरी होने पर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा।

