- रोहतक समेत प्रदेश के सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को अंतिम नोटिस, स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
कविता. रोहतक : हरियाणा सरकार ने स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने रोहतक सहित प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को 48 घंटे के भीतर अप्रैल से जून 2026 की स्कूल सुरक्षा त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट और लंबित एक्शन टेकन रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि रिपोर्ट भेजने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निदेशालय का कहना है कि कई जिलों से समय पर रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं का सही आकलन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में रोहतक सहित सभी जिलों को लंबित रिपोर्ट तत्काल भेजने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर स्कूलों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
रोहतक के स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगी विशेष नजर
रोहतक जिले के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की अब विशेष समीक्षा की जाएगी। शिक्षा विभाग यह देखेगा कि स्कूलों में आग से बचाव के उपकरण, आपदा प्रबंधन योजना, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब भी मांगा जाएगा।
48 घंटे में रिपोर्ट नहीं भेजी तो तय होगी जिम्मेदारी
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने इस आदेश को ‘मोस्ट अर्जेंट एंड टाइम बाउंड’ श्रेणी में रखा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट नहीं भेजने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा।
लंबित रिपोर्टों से प्रभावित हो रही समीक्षा प्रक्रिया
शिक्षा विभाग के अनुसार कई जिलों की पिछली तिमाहियों की सुरक्षा रिपोर्ट अब तक मुख्यालय नहीं पहुंची है। इसके कारण प्रदेश के स्कूलों में सुरक्षा इंतजामों का वास्तविक मूल्यांकन नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि सभी लंबित रिपोर्टों को प्राथमिकता के आधार पर तैयार कर जल्द भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट और एनडीएमए की गाइडलाइन के तहत व्यवस्था
स्कूल सुरक्षा की यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की स्कूल सुरक्षा नीति के तहत लागू है। प्रत्येक जिले को हर तीन महीने में अपने क्षेत्र के स्कूलों की सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजनी होती है, ताकि कमियों की पहचान कर समय रहते सुधार किया जा सके।
भविष्य में हर जिले में बनेगा मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम
शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में रिपोर्ट भेजने में देरी न हो, इसके लिए प्रत्येक जिले में स्थायी निगरानी तंत्र विकसित किया जाए। साथ ही जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि रोहतक सहित प्रदेश के सभी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर भी प्रभावी ढंग से लागू हो।

