कविता. रोहतक : सेक्टर-1 स्थित हाउसिंग बोर्ड के कई पार्क इन दिनों बदहाली का शिकार हैं। बरसात के मौसम में जहां पार्कों की नियमित सफाई और घास की कटाई की जरूरत है, वहीं कई जगह कचरा पड़ा है और घास बेतरतीब तरीके से बढ़ रही है। इससे पार्कों में सुबह-शाम सैर करने आने वाले लोगों के साथ बच्चों को भी परेशानी हो रही है।
बारिश के बाद गीली घास और जमा कचरे के कारण पार्कों में गंदगी बढ़ रही है। लंबे समय से घास की कटाई नहीं होने से कई जगह रास्तों और बैठने वाली जगहों के आसपास भी घास फैल गई है। इससे मच्छर और अन्य कीड़े पनपने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्कों की नियमित देखरेख नहीं होने से सार्वजनिक सुविधा धीरे-धीरे बदहाल होती जा रही है।
कचरे के ढेर से बिगड़ी पार्कों की सूरत
सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड के कई पार्कों में नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरा पड़ा है। बारिश के कारण गीला कचरा सड़ने लगा है, जिससे बदबू की समस्या भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्कों की सफाई नियमित रूप से हो तो स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।
लंबी घास ने घेरा पार्क का बड़ा हिस्सा
बरसात में घास तेजी से बढ़ रही है, लेकिन कई पार्कों में इसकी कटाई नहीं हो रही। लंबी घास के कारण पार्क के रास्ते और बैठने की जगह तक प्रभावित हो रही हैं। लोगों को आशंका है कि घनी घास में मच्छर और जहरीले कीड़े पनप सकते हैं।
मच्छरों और कीड़ों का बढ़ा खतरा
गीली घास, बारिश का पानी और आसपास पड़ा कचरा मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। शाम के समय पार्क में आने वाले लोगों को विशेष परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सफाई के साथ मच्छरों की रोकथाम के लिए भी तत्काल इंतजाम किए जाने चाहिए।
बच्चों की खेल गतिविधियों पर भी असर
पार्कों की बदहाल स्थिति का असर बच्चों पर भी पड़ रहा है। कई जगह बढ़ी हुई घास और गंदगी के कारण बच्चे खुलकर खेल नहीं पा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि पार्क बच्चों के लिए सुरक्षित और साफ होने चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति में उन्हें बच्चों को पार्क भेजने में भी चिंता होती है।
नियमित निगरानी और सफाई की मांग
स्थानीय लोगों ने हाउसिंग बोर्ड और संबंधित अधिकारियों से पार्कों की नियमित सफाई, कचरे की तत्काल उठान और घास की कटाई कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान पार्कों की देखरेख पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि गंदगी और मच्छरों की समस्या गंभीर रूप न ले।


