रोहतक : कई दिनों से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को सोमवार को मौसम के अचानक बदले मिजाज ने राहत तो दी, लेकिन तापमान में आई तेज गिरावट से सेहत को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत बढ़ गई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सोमवार को रोहतक में बारिश हुई और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह सामान्य से 5.6 डिग्री कम रहा। दो दिन पहले तक जहां गर्मी और उमस महसूस हो रही थी, वहीं अब ठंडी हवा और बारिश के कारण मौसम में ठंडक बढ़ गई है।
अचानक गर्मी से ठंड की ओर हुए इस बदलाव का असर लोगों के शरीर पर भी पड़ रहा है।ऐसे में कुछ लोगों को सर्दी-जुकाम, गले में खराश, सिरदर्द, थकान और शरीर में दर्द की शिकायत होने लगी है। वहीं इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों के साथ कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
ठंडक बढ़ी तो हाथ-पैर और जोड़ों में दर्द
अचानक तापमान कम होने और वातावरण में नमी बढ़ने से मांसपेशियों और जोड़ों में जकड़न महसूस हो रही। खासकर जिन लोगों को पहले से घुटने, कमर, कंधे या हाथ-पैर में दर्द की शिकायत रहती है।हालांकि लगातार या तेज दर्द को केवल मौसम का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बुखार और वायरल के लक्षणों को न करें नजरअंदाज
मौसम में अचानक बदलाव के दौरान सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण की शिकायतें सामने आ सकती हैं। शरीर में दर्द के साथ हल्का या तेज बुखार, गले में खराश, खांसी, नाक बहना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर पर्याप्त आराम और पानी का सेवन जरूरी है। बुखार लगातार बना रहे या तेज हो जाए तो चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
बारिश के बाद बढ़ी नमी, सावधानी जरूरी
बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने के साथ दिन और रात के तापमान में अंतर भी महसूस किया जा सकता है। ऐसे मौसम में सुबह-शाम पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना जरूरी है। बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़ों में ज्यादा देर तक रहने से बचना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवा से विशेष रूप से बचाने की जरूरत है।
खान-पान में लापरवाही पड़ सकती है भारी
मौसम बदलने के साथ खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। इस दौरान साफ और ताजा भोजन लें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। मौसमी फल, हरी सब्जियां, दालें और पौष्टिक भोजन को आहार में शामिल करना बेहतर रहेगा। बारिश के मौसम में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और दूषित पानी से बचना चाहिए।
मौसम के साथ दिनचर्या भी बदलें
गर्मी से अचानक ठंड की ओर मौसम बदलने पर शरीर को भी इसके अनुरूप ढलने का समय देना चाहिए। सुबह-शाम ठंड से बचाव के लिए कपड़ों की अतिरिक्त परत का इस्तेमाल किया जा सकता है और मौसम साफ रहने पर हल्की धूप लेना लाभकारी हो सकता है। पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है। मौसम में उतार-चढ़ाव के दौरान शरीर में बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर की सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

