रोहतक : वर्दी में देश की रक्षा करने वाले सैन्य अधिकारी के परिवार ने जब सबसे बड़ी कुर्बानी दी, तो इतिहास बन गया। कमांड हॉस्पिटल, चंडी मंदिर में ब्रेन डेड घोषित हुई कर्नल की पत्नी ने अपने अंग दान कर 4 लोगों को नया जीवन दे दिया। यह केवल अंगदान नहीं, बल्कि त्याग, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की वह मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।
हरियाणा के इतिहास में पहली बार सेना के कमांड हॉस्पिटल, चंडी मंदिर से हृदय दान हुआ। सेना और सोटो हरियाणा के समन्वय से अंग एयरलिफ्ट कर दिल्ली, आर.आर. हॉस्पिटल और चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर अस्पताल में पहुंचाए गए। इस पूरे अभियान में हरियाणा पुलिस ने तीन प्रदेशों में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर समय से अंगों को मरीजों तक पहुंचाया। यह कहना है पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एच के अग्रवाल का। वे रविवार को पीजीआई रोहतक में सैन्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ पत्रकारों को सैन्य अधिकारी के परिवार द्वारा किए गए अंगदान के बारे जानकारी दे रहे थे।
डॉ एच के अग्रवाल ने बताया कि कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर में भर्ती सैन्य अधिकारी की पत्नी को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। खबर सुनकर पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन उस परिवार की बेटियां और पति ने रोते-रोते भी एक निर्णय लिया की हमारी हमारी मां ओर पत्नी ने हमेशा देश के लिए जीना सीखा। अब जाते-जाते भी वह देश की सेवा करेगी। परिवार ने अंगदान की सहमति दे दी। सोटो हरियाणा की टीम के नोडल अधिकारी डॉ सुखबीर सिंह, ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर दीप्ति, मीडिया सलाहकार राजेश की टीम तुरंत सक्रिय हुई और ग्रीन कारिडोर बनाने में अहम भूमिका निभाई। अधिकारी की पत्नी के हृदय, लीवर, दो किडनी और पैंक्रियाज को रिकवर किया गया। सेना के डॉक्टरों और सोटो के नोडल अधिकारियों ने मिलकर पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक और संवेदनशील तरीके से अंजाम दिया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ रूप सिंह, निदेशक डॉ एस के सिंघल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ कुंदन मित्तल, डॉ सुखबीर,डॉ अरुण, डॉ दीपक जैन, डीडीए डॉ वरुण शर्मा, डॉ तरुण, डॉ गौरव पांडे, सचिव संजीव, मीडिया सलाहकार राजेश कुमार, ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर दीप्ति खरब, रोहित सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
तीन ग्रीन कॉरिडोर, तीन शहर, एक उद्देश्य
डॉ अग्रवाल ने बताया कि अंगों को समय पर पहुंचाना किसी युद्ध से कम नहीं था। हृदय को प्राइवेट जेट के माध्यम से दिल्ली भेजा गया। लीवर को सेना के हेलिकॉप्टर से आर.आर. हॉस्पिटल पहुंचाया गया। एक किडनी कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर में ही सेना से जुड़े मरीज को प्रत्यारोपित की गई। दूसरी किडनी और पैंक्रियाज पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ को अलॉट किए गए।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि इस पूरे अभियान में डीजीपी हरियाणा श्री अजय सिंघल का योगदान निर्णायक रहा। उन्होंने पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा पुलिस के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर तीन ग्रीन कॉरिडोर बनवाए। सायरन बजते एंबुलेंस, पुलिस पायलट और ट्रैफिक फ्री रास्तों ने अंगों को मिनटों में मंजिल तक पहुंचा दिया।
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल : ‘सेना को हृदय की गहराइयों से नमन’
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि सेना और उसका परिवार देश के लिए जो कर सकता है, उसका कोई मुकाबला नहीं। यह परिवार अपनी मां ओर पत्नी को खोकर भी चार परिवारों में खुशी लौटा गया। यह अंगदान नहीं, बल्कि राष्ट्रयज्ञ है।
डॉ. अग्रवाल ने वेस्टर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह, कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर के डॉ. अनुराग और पूरी मेडिकल टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब वर्दी और सिविल प्रशासन एक साथ खड़े होते हैं, तो इतिहास रचते हैं। आज हरियाणा ने वह इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब सेना के अस्पताल से हृदय दान हुआ। यह सिर्फ मेडिकल उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति है।
निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल : ‘अंगदान, जीवनदान का सबसे बड़ा प्रमाण’
पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि अंगदान का अर्थ है – मृत्यु को भी महोत्सव में बदल देना। एक अधिकारी की पत्नी का शरीर मिट्टी में मिल सकता था, लेकिन उनके अंग आज चार घरों में दीप जला रहे हैं। यह संदेश हर नागरिक तक जाना चाहिए कि अंगदान से बड़ा कोई पुण्य नहीं। हमे इस सैन्य अधिकारी के परिवार से प्रेरणा लेकर पूरे प्रदेश में अंगदान जागरूकता की मुहिम चलानी चाहिए और इसमें मीडिया अहम भूमिका निभा सकता है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि पीजीआईएमएस में भी सोटो हरियाणा ने एक महीने में 23 लोगों की जान अंगदान से बचाई है। लेकिन सेना का यह कदम समाज को नई दिशा देगा।
SOTTO हरियाणा के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह : ‘सेना का सहयोग अभूतपूर्व’
सोटो हरियाणा के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि सेना ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता से अंगदान की प्रक्रिया पूरी की, वह हर अस्पताल के लिए प्रेरणा है। कमांड हॉस्पिटल में डी अनुराग की टीम, सेना के अधिकारी और सोटो की टीम ने 24 घंटे में यह पूरा अभियान सफल किया।
डॉ सुखबीर ने बताया कि हृदय दान हरियाणा के लिए पहला है। आमतौर पर हृदय को 4 घंटे के भीतर प्रत्यारोपित करना होता है। जेट और ग्रीन कॉरिडोर ने यह संभव किया। लीवर के लिए भी 12 घंटे की सीमा होती है। सेना के हेलिकॉप्टर ने इसे आर.आर. हॉस्पिटल समय पर पहुंचा दिया।
सेना और सिविल प्रशासन का अद्भुत समन्वय
- सेना से ब्रिगेडियर डॉ पवन ढुल और चीफ और चीफ ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर कर्नल डॉ अनुराग गर्ग ने कहा कि सेना और सिविल प्रशासन का यह संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन जीवन’ से कम नहीं था। कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर में ब्रेन डेड घोषित होते ही सोटो हरियाणा को सूचना दी गई। सेना के डॉक्टरों ने कर्नल परिवार को काउंसलिंग दी। परिवार ने सहमति दी तो अंग रिकवरी का समय तय हुआ।
- डॉ अनुराग ने कहा कि कहा कि हमारे जवान सीमा पर जान देते हैं। अब वक्त है कि हम जीवन देकर भी मिसाल बनें। अंगदान का संकल्प लेने वाला हर व्यक्ति देशभक्त है। सोचिए, आपकी आंखें किसी बच्चे को दुनिया दिखाएंगी, आपका हृदय किसी मां की गोद सूनी होने से बचा लेगा। डॉ पवन ने कहा कि सेना हमेशा देश की सेवा के लिए तत्पर थी और हमेशा तत्पर रहेगी।
समाज के लिए संदेश : ‘अंगदान, देशभक्ति का दूसरा नाम’
डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि अंगदान देशभक्ति का दूसरा नाम है क्योंकि इसमें हम देश विदेश के किसी भी अंजान आदमी की जान बचा सकते हैं। उन्होंने समाज से अपील की कि अंगदान के लिए नोटो कि वेबसाइट पर जाकर शपथ लें। परिवार से चर्चा करें। क्योंकि कफन में जेब नहीं होती, लेकिन आपके अंग किसी गरीब के लिए करोड़ों की दवा बन सकते हैं।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि डीजीपी अजय सिंघल ने चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा पुलिस को अलर्ट किया। तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए – चंडी मंदिर से चंडीगढ़ एयरपोर्ट, चंडी मंदिर से डिफेंस एयरपोर्ट और चंडी मंदिर से पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ हॉस्पिटल तक। ट्रैफिक पुलिस ने मिनटों में रास्ता क्लियर कर दिया।
दर्द भरी कहानी, प्रेरणा भरा अंत
वह सैन्य अधिकारी की पत्नी, जो सैन्य कैंट की हर कदम में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती थी, आज अस्पताल के बेड पर चुप थी। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार ने कहा कि हमारी मां ने वर्दी का मान रखा। अब उसके अंगों से चार लोग जिंदा रहेंगे। यही वह क्षण था, जब एक परिवार का आंसू देश के लिए आशीर्वाद बन गया।
हरियाणा के लिए ऐतिहासिक दिन
डॉ अग्रवाल ने कहा कि यह पहली बार है जब हरियाणा में सेना के अस्पताल से हृदय दान हुआ। इससे पहले सेना के अस्पतालों में अंगदान की प्रक्रिया नहीं होती थी। सोटो हरियाणा और सेना के समन्वय ने यह संभव किया।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के लिए ऐतिहासिक है। हम सेना के साथ मिलकर अंगदान को आंदोलन बनाएंगे। हर जिले में जागरूकता कार्यक्रम चलेंगे।कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि आज हरियाणा सेना के उस परिवार को सलाम करता है। आज हर नागरिक से अपील है – अंगदान का संकल्प लें। क्योंकि जो राख होना था, अगर वह किसी की सांस बन जाए, तो वही सच्चा जीवन है।वो ने वर्दी में मरकर भी देश सेवा की। अब आपकी बारी है – बिना वर्दी के, जीवन देकर देश सेवा करने की।
अंगदान : मौत के बाद भी जीवन
कुलसचिव डॉ रूप सिंह ने कहा कि सोटो हरियाणा के आंकड़े बताते हैं कि एक ब्रेन डेड व्यक्ति 8 लोगों को जीवन दे सकता है। हृदय, फेफड़े, लीवर, किडनी, पैंक्रियाज, आंत, आंखें और त्वचा दान की जा सकती है। लेकिन जागरूकता की कमी से हर साल हजारों लोग अंग न मिलने से मर जाते हैं।
डॉ रूप सिंह ने बताया कि अंगदान ब्रेन डेड होने पर ही संभव है। यह कोमा नहीं है। ब्रेन डेड में मरीज का दिमाग पूरी तरह काम करना बंद कर देता है। ऐसे में परिवार अगर हां कह दे, तो मृतक अमर हो जाता है।
सेना का संदेश : ‘मरकर भी जीना’
कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर के कर्नल डॉ. अनुराग ने कहा कि सेना का सिद्धांत है – देश पहले, स्वयं बाद में। यह सैन्य अधिकारी परिवार उसी सिद्धांत पर चला। उन्होंने दिखा दिया कि वर्दी केवल युद्ध के लिए नहीं, मानवता के लिए भी होती है।
4 लोगो की जिंदगी बचा अमर हो गई सैन्य अफसर की पत्नी : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
सेना के अफसर की पत्नी ने जाते-जाते भी देश को जीवन दे दिया। यह केवल अंगदान नहीं, बल्कि नारी शक्ति और कर्तव्य का सबसे बड़ा उदाहरण है। सैन्य अधिकारी की बेटियों ने दुख की घड़ी में जो साहस दिखाया, वह हर घर की बेटी के लिए प्रेरणा है। बेटियों, बहनों और माताओं से मेरी अपील है – अंगदान का संकल्प लें। आपकी एक ‘हां’ किसी मां की गोद सूनी होने से बचा सकती है, किसी बच्चे को नई आंखें दे सकती है। हमारा शरीर मिट्टी है, लेकिन हमारे अंग किसी के लिए जीवन का दीपक बन सकते हैं। हमारी सेना को हृदय की गहराइयों से नमन है, आपका देश सदैव ऋणी रहेगा। डीजीपी अजय सिंघल ने पंजाब,चंडीगढ़, हरियाणा पुलिस का समन्वय स्थापित करवा नेक कार्य में अपनी आहुति दी है। आम आदमी भी ग्रीन कॉरिडोर के दौरान 10 मिनट जाम में खड़ा रहकर अंगदान में अपना सहयोग दे रहा है तो ऐसे में आम जनता का भी बड़ा आभार है।

