गरिमा टाइम्स न्यूज.रोहतक :
रोहतक में नकली दवाओं को लेकर बड़ा खतरा सामने आया है। ड्रग कंट्रोलर ने शहर में अलर्ट जारी करते हुए साफ किया है कि बाजार में मिल रही कुछ दवाएं मरीजों की जान के लिए जोखिम बन सकती हैं। इसे लेकर पूरे हफ्ते विभाग मेडिकल स्टोर खंगालेगा।
खास तौर पर शुगर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले मोनजेरो इंजेक्शन को लेकर विभाग ने डॉक्टरों और आम लोगों दोनों को सावधान रहने को कहा है। गुरुग्राम में नकली इंजेक्शन की खेप पकड़े जाने के बाद अब रोहतक में भी सख्ती बढ़ा दी गई है।
ड्रग कंट्रोल विभाग ने सरकारी और निजी डॉक्टरों, मेडिकल स्टोर संचालकों और दवा सप्लायर्स को संदिग्ध बैच नंबर साझा किए हैं और साफ निर्देश दिए हैं कि इनका इस्तेमाल न किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शहर में जल्द ही बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। नकली दवाओं के नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष टीम तैयार की जा रही है।
नई दवा मोनजेरो बनी चर्चा का विषय
हाल ही में भारत में इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिलने के बाद मोनजेरो इंजेक्शन की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह दवा शुगर को नियंत्रित करने के साथ-साथ भूख को भी कम करती है। इसी वजह से अब कई लोग इसे वजन घटाने के लिए भी इस्तेमाल करने लगे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। इसी बढ़ती मांग का फायदा उठाकर नकली दवाओं का कारोबार करने वाले सक्रिय हो गए हैं। असली जैसी पैकिंग में नकली इंजेक्शन बाजार में पहुंचाए जा रहे हैं।
इंटरनेशनल सिंडिकेट
जांच एजेंसियों के मुताबिक नकली दवाओं का कारोबार अब लोकल नहीं, बल्कि इंटरनेशनल सिंडिकेट का हिस्सा बन चुका है। गिरोह विदेशों से सस्ता कच्चा माल मंगाकर देश के अंदर अवैध लैब्स में दवाएं तैयार करते हैं। फिर इन्हें कम कीमत में बाजार में उतारकर सप्लाई चेन में धीरे-धीरे घुसा दिया जाता है। इस नेटवर्क का सबसे आसान टारगेट छोटे डिस्ट्रीब्यूटर, ग्रामीण मेडिकल स्टोर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बन रहे हैं। कई मामलों में असली और नकली दवाओं को मिलाकर बेचा जाता है, जिससे पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता है और मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
ऑनलाइन दवा खरीदना, बड़ा खतरा
ऑनलाइन दवा खरीदते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है। कई मामलों में नकली दवाएं, बदली हुई एक्सपायरी डेट और फर्जी लेबल के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं आसानी से मिल जाती हैं, जिससे गलत दवा लेने और सेहत बिगड़ने का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
नकली दवा ऐसे पहचानें
बाजार में नकली दवाओं का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में थोड़ी सी सावधानी आपकी सेहत बचा सकती है। अगर दवा छूते ही रंग छोड़ने लगे, पाउडर जैसी टूटने लगे या उसकी गंध असामान्य हो, तो उसे लेने से बचें। इसके अलावा दवा लेने के बाद भी अगर बीमारी में सुधार नहीं हो रहा या हालत बिगड़ रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। दवा की पैकेजिंग भी अहम संकेत देती है। रैपर पर धुंधली प्रिंटिंग, गलत स्पेलिंग या कंपनी का लोगो ठीक न दिखना नकली होने की ओर इशारा करता है। आजकल कई दवा कंपनियां क्यूआर कोड देती हैं, इसे स्कैन करके दवा की असलियत जांची जा सकती है। अगर कोई दवा बाजार कीमत से बहुत सस्ती मिल रही है, तो सावधान हो जाएं।
नकली दवा जानलेवा भी हो सकती है
नकली दवाएं सिर्फ इलाज को बेकार नहीं करतीं, बल्कि मरीज की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। हार्ट, डायबिटीज और संक्रमण जैसी बीमारियों में अगर सही दवा न मिले, तो हालत तेजी से बिगड़ सकती है और जटिलताएं बढ़ सकती हैं। गलत या घटिया केमिकल से बनी दवाएं शरीर में एलर्जी, उल्टी, चक्कर और अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
सभी डॉक्टरों को अलर्ट जारी
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर डॉ. मनदीप मान के अनुसार रोहतक में नकली दवाओं के नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी डॉक्टरों को अलर्ट जारी किया गया है और जल्द ही छापेमारी कर इस अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

