कविता.रोहतक: त्योहारी सीजन शुरू हाेने वाला है और शहर को चमकाने के लिए जगह-जगह सफाई अभियान चल रहा है। बाजारों और मुख्य मार्गों पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन मालगोदाम रोड की तस्वीर इन दावों से अलग नजर आ रही है। गंदगी के कारण राहगीरों व आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
सवाल यह भी है कि क्या यहां के दुकानदार और निवासी सफाई को लेकर जागरूक नहीं हैं या फिर सफाई कर्मचारी इस हिस्से तक पहुंच ही नहीं रहे। त्योहारी सीजन में जब शहर को साफ-सुथरा रखने पर जोर है, ऐसे में मालगोदाम रोड की स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
त्योहारों पर शहर चमकाने का दावा
त्योहारी सीजन में बाजारों और प्रमुख सड़कों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके बावजूद मालगोदाम रोड पर सफाई व्यवस्था की हकीकत बयां कर रहा है। जगह-जगह पड़े कचरे के कारण सड़क का किनारा गंदा नजर आता है और लोगों को इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है।
मालगोदाम रोड पर दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों की जिम्मेदारी भी बनती है कि वे कूड़ा-कचरा निर्धारित स्थान पर डालें। अगर लोग सड़क किनारे ही कूड़ा डालेंगे तो सफाई व्यवस्था कितनी भी बेहतर हो, कुछ समय बाद फिर वही स्थिति बन सकती है। ऐसे में जागरूकता और नियमित सफाई दोनों जरूरी हैं।
सड़क किनारे दिखाई दे रही गंदगी सवाल खड़ी कर रही है कि यहां नियमित सफाई होती भी है या नहीं। यदि सफाई कर्मचारी लगातार क्षेत्र में पहुंच रहे हैं तो फिर कचरा जमा क्यों है और यदि कचरा उठाया नहीं जा रहा तो इसकी निगरानी कौन कर रहा है? त्योहारी सीजन में इस तरह की स्थिति सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े करती है।

गंदगी से राहगीरों और दुकानदारों की परेशानी बढ़ी
मालगोदाम रोड पर जमा कचरा सिर्फ देखने में ही खराब नहीं लग रहा, बल्कि इससे राहगीरों और आसपास के दुकानदारों को भी परेशानी हो रही है। त्योहारों के दौरान बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ने वाली है, ऐसे में सड़क किनारे जमा कचरा परेशानी को और बढ़ा सकता है।
त्योहारी सीजन में निगम को करनी होगी ठोस कार्रवाई
त्योहारी सीजन में शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर निगम की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। मालगोदाम रोड पर नियमित सफाई के साथ सड़क किनारे जमा गंदगी को तत्काल उठाने की जरूरत है। साथ ही दुकानदारों और स्थानीय लोगों को भी जागरूक करना होगा कि वे खुले में कूड़ा न डालें। अगर दोनों स्तरों पर जिम्मेदारी तय हो तो मालगोदाम रोड की तस्वीर भी बदली जा सकती है।

