Friday, August 14, 2026
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अतिक्रमण से फिर घुटने लगा रोहतक, कार्रवाई के बाद लौट आते हैं कब्जाधारी

कविता. रोहतक :  शहर में अतिक्रमण की समस्या एक बार फिर गंभीर होती जा रही है। गोहाना अड्डा, किला रोड, रेलवे रोड, छोटूराम चौक समेत लगभग सभी प्रमुख बाजारों और सड़कों पर दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों ने सड़क व फुटपाथ तक कब्जा जमा रखा है। इसके चलते राहगीरों को पैदल चलने के लिए जगह नहीं मिलती और वाहन चालकों को भी जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। नगर निगम की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है। कार्रवाई के बाद कुछ दिनों तक सड़कें खुली नजर आती हैं, लेकिन निगम की टीम के लौटते ही फिर से सामान सड़क पर सज जाता है।

गोहाना अड्डा : सड़क पर दुकानें, राहगीर परेशान

गोहाना अड्डा क्षेत्र में दुकानों के बाहर सामान रखने और रेहड़ी-फड़ी लगने के कारण सड़क का काफी हिस्सा घिरा रहता है। खरीदारी करने आने वाले लोगों को वाहनों के बीच से निकलना पड़ता है। व्यस्त समय में यहां जाम की स्थिति बन जाती है।

किला रोड : फुटपाथ गायब, सड़क पर चलने को मजबूर लोग

किला रोड पर दुकानदारों की ओर से फुटपाथ तक सामान फैलाने के कारण पैदल राहगीरों के लिए जगह कम पड़ गई है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कई जगह लोग मजबूरी में मुख्य सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जिससे हादसे का खतरा भी बना रहता है।

रेलवे रोड : कार्रवाई के बाद फिर वही हाल

रेलवे रोड पर नगर निगम की कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए अतिक्रमण हट जाता है, लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति पहले जैसी हो जाती है। दुकानों के बाहर स्टैंड, बोर्ड, सामान और अस्थायी काउंटर सड़क की ओर बढ़ा दिए जाते हैं। इससे सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो जाती है और यातायात प्रभावित होता है।

छोटूराम चौक : जाम के साथ हादसे का खतरा

छोटूराम चौक और आसपास के बाजारों में अतिक्रमण के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। सड़क किनारे खड़े वाहन और सामान के कारण मोड़ पर दृश्यता भी प्रभावित हो सकती है। भीड़ के समय पैदल राहगीरों और वाहन चालकों के बीच टकराव की स्थिति बनती रहती है।

कार्रवाई के बाद दोबारा कब्जा, स्थायी समाधान की जरूरत

शहरवासियों का कहना है कि केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा। निगम की टीम अभियान चलाकर सामान हटाती है, लेकिन नियमित निगरानी नहीं होने पर कुछ ही दिनों में फिर से कब्जा हो जाता है। लोगों की मांग है कि अतिक्रमण वाले स्थानों पर लगातार निगरानी की जाए और दोबारा कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

राहगीरों ने बताई परेशानी…

रेहड़ियां भी लगी रहती हैं
बाजार में पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दुकानदार सामान बाहर तक रख देते हैं और कई जगह रेहड़ियां भी लगी रहती हैं। सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे हमेशा वाहन की चपेट में आने का डर रहता है। राजेश, राहगीर
नियमित निगरानी हो
बच्चों और बुजुर्गों के साथ बाजार जाना काफी परेशानी भरा है। फुटपाथ पर सामान रखा रहता है, इसलिए सड़क से निकलना पड़ता है। निगम को कार्रवाई के साथ नियमित निगरानी भी करनी चाहिए-सुनीता, राहगीर

सख्त कार्रवाई हो
निगम की टीम आती है तो रास्ता साफ हो जाता है, लेकिन कुछ दिन बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। अगर दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना और सख्त कार्रवाई हो तो समस्या कम हो सकती है।दीपक, राहगीर

जाम लगता है
अतिक्रमण की वजह से बाजारों में जाम लगता है और एंबुलेंस या अन्य जरूरी वाहनों को भी रास्ता मिलने में दिक्कत हो सकती है। प्रशासन को दुकानदारों और रेहड़ी संचालकों के लिए तय स्थान निर्धारित करने चाहिए।- अनिल, राहगीर

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