Tuesday, September 29, 2026
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रोहतक की सड़कों पर फिर गोवंश, गोशालाओं की सरकारी सहायता राशि अटकी

कविता.रोहतक: सड़कों पर पिछले तीन दिनों से एक बार फिर गोवंश नजर आने लगा है। दिन हो या रात, शहर की सड़कों पर जगह-जगह गोवंश के झुंड दिखाई दे रहे हैं। खास बात यह है कि पिछले काफी समय से सड़कों पर गोवंश की संख्या बेहद कम नजर आ रही थी। ऐसे में अचानक बड़ी संख्या में गोवंश के सड़कों पर लौटने से हादसों का खतरा फिर बढ़ गया है।

इस पूरे घटनाक्रम को गोशालाओं को सरकारी सहायता राशि नहीं मिलने से जोड़कर देखा जा रहा है। रोहतक की नौ गोशालाओं में करीब 12 हजार से अधिक गोवंश हैं और इनके रखरखाव के लिए मिलने वाली करोड़ों रुपये की राशि लंबे समय से बकाया बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि पिछले करीब पांच महीनों से यह राशि गोशालाओं तक नहीं पहुंची है। इसके चलते गोशालाओं के सामने चारा, दवाइयों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। करोड़ों रुपये की राशि बकाया होने के बीच अब सड़कों पर गोवंश का दोबारा दिखाई देना चिंता बढ़ा रहा है।

नौ गोशालाओं में 12 हजार से ज्यादा गोवंश

रोहतक की नौ गोशालाओं में करीब 12 हजार से अधिक गोवंश मौजूद है। इन गोशालाओं पर बड़ी संख्या में गोवंश के पालन-पोषण और उपचार की जिम्मेदारी है। ऐसे में नियमित सरकारी सहायता गोशालाओं की व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। राशि समय पर नहीं मिलने का असर व्यवस्थाओं पर पड़ता है तो उसका सीधा प्रभाव गोवंश के रखरखाव पर भी पड़ सकता है।

सड़कों पर गोवंश लौटने से बढ़ा हादसों का खतरा

शहर की मुख्य सड़कों और मार्गों पर अचानक गोवंश की मौजूदगी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। दिन के समय तो चालक किसी तरह सावधानी बरत लेते हैं, लेकिन रात में सड़क पर बैठे या घूमते गोवंश दिखाई नहीं देने से हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक गोवंश आने की स्थिति में चालक के पास संभलने का समय भी बेहद कम रहता है।

पहले सड़कों से गायब हो गया था गोवंश

पिछले कुछ समय से रोहतक की सड़कों पर गोवंश की मौजूदगी काफी कम हो गई थी। इससे वाहन चालकों और शहरवासियों को भी राहत मिली थी। अब महज तीन दिनों में स्थिति बदलती दिखाई दे रही है। शहर की सड़कों पर फिर से गोवंश के झुंड नजर आने लगे हैं। अचानक हुए इस बदलाव ने गोवंश के प्रबंधन और गोशालाओं की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बकाया राशि जारी होने से सुधर सकती है व्यवस्था

गोशालाओं को बकाया राशि मिलने और गोवंश के रखरखाव की व्यवस्था मजबूत होने से स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल शहरवासियों की चिंता यही है कि सड़कों पर बढ़ती गोवंश की मौजूदगी कहीं किसी बड़े हादसे का कारण न बन जाए।

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