- नए क्लीनिकों के साथ राज्य में 1244 क्लीनिक हो गए, जिससे लोगों को घर के नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी : मुख्यमंत्री
- आम आदमी क्लीनिकों में अब तक 6.48 करोड़ लोगों की ओ.पी.डी. दर्ज की गई
- 10 लाख रुपए तक के कैशलेस वाली स्वास्थ्य योजना के तहत 54.20 लाख परिवारों को शामिल किया
होशियारपुर : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को 154 नए आम आदमी क्लीनिक जनता को समर्पित किए, जिससे राज्य में क्लीनिकों की कुल संख्या 1,244 हो गई है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता नारों की राजनीति करने के बजाय गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और रोजगार प्रदान करना है।
चब्बेवाल के गांव हरखोवाल में विशाल सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने क्लीनिकों में 6.48 करोड़ से अधिक ओ.पी.डी. और 54.20 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य योजना का उल्लेख किया। उन्होंने लोगों को सचेत किया कि सरकार बदलने से महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और सत्कार योजना सहित अन्य कल्याणकारी पहलों पर खतरा मंडरा सकता है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज हमने पंजाब के लोगों को 154 और आम आदमी क्लीनिक समर्पित किए हैं, जिससे इन क्लीनिकों की कुल संख्या 1,244 हो गई है। नए समर्पित किए गए क्लीनिकों में से 36 अमृतसर में, 26 पटियाला में, 17 लुधियाना में, 12 गुरदासपुर में, 11 जालंधर में और 10 साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) जिले में हैं, इसके अलावा बाकी जिलों में भी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। ये क्लीनिक 107 दवाइयां और 47 तरह के डायग्नोस्टिक टेस्ट बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराते हैं ताकि लोगों को बिना किसी वित्तीय कठिनाई के जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।”
इस पहल के प्रति लोगों के बढ़ते समर्थन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब में पहले से काम कर रहे 1,090 आम आदमी क्लीनिकों ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लोगों का विश्वास बढ़ाया है। रोजाना लगभग एक लाख लोग इलाज के लिए इन क्लीनिकों में आते हैं और अब तक कुल 6.48 करोड़ लोगों की ओ.पी.डी. दर्ज की जा चुकी है। यह इस बात का प्रतीक है कि लोगों ने इन सुविधाओं में कितना बड़ा भरोसा जताया है।”
उन्होंने आगे कहा, “इन क्लीनिकों में आने वाले मरीजों में से 1.98 करोड़ मरीज विशेष बीमारियों से पीड़ित थे, जबकि 3.63 करोड़ डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त किए गए हैं। ये सुविधाएं मेडिकल सलाह, दवाइयां और जांच सेवाएं बिना किसी अतिरिक्त खर्च के सुनिश्चित करके परिवारों को बड़ी वित्तीय राहत दे रही हैं।”

स्वास्थ्य योजना के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है ताकि लोगों को पैसे की कमी के कारण अपनी सेहत से समझौता न करना पड़े। अब तक 54.20 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं और इस योजना के तहत आने वाले हर परिवार 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज के हकदार हैं। अब तक 8.02 लाख लाभार्थियों ने इस योजना के तहत इलाज करवा लिया है, जो आम लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है।”
स्वास्थ्य विभाग में भर्ती के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के सरकारी प्रयासों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में 5,388 युवाओं को नौकरियां दी हैं। स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए हमने डॉक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती की है।”
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि आम आदमी क्लीनिकों का विस्तार, मुफ्त दवाइयां और लैब टेस्ट तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना पंजाब के लोगों के लिए सुलभ और किफायती स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के प्रति राज्य की व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, सांसद राज कुमार चब्बेवाल, विधायक ईशान चब्बेवाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
आम आदमी क्लीनिकों का विस्तार
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा 154 नए क्लीनिकों का उद्घाटन करने से राज्य में 1244 आम आदमी क्लीनिकों का मजबूत नेटवर्क स्थापित हो चुका है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य लोगों के घरों के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को आसानी से उपलब्ध कराना है, खासकर उन परिवारों के लिए जो वित्तीय तंगी का सामना कर रहे हैं।
मुफ्त दवाइयां और जांच सेवाएं
इस पहल के तहत आम आदमी क्लीनिक 107 दवाइयां और 47 तरह के डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त उपलब्ध कराते हैं। सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार मौजूदा 1,090 क्लीनिकों में 6.48 करोड़ ओ.पी.डी. दर्ज की गई है, जिसमें 1.98 करोड़ मरीज शामिल हैं, जबकि 4.01 करोड़ डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सेहत योजना
पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना भी शुरू की है, जो योग्य परिवारों को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है। आंकड़ों के अनुसार, 54.20 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जबकि 7.51 लाख लाभार्थी इस योजना के तहत पहले ही इलाज करवा चुके हैं।
भर्ती और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना
पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में 5,388 नौकरियां दी हैं। साल 2022 से लेकर अब तक की भर्ती में 1,458 मेडिकल अफसर, 271 स्पेशलिस्ट डॉक्टर, 1,079 नर्सें और 1,352 मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर शामिल हैं। ये नियुक्तियां सरकार द्वारा स्वास्थ्य स्टाफ बढ़ाने और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की स्थिति सुधारने के प्रयासों का हिस्सा हैं।

