- अब 1.80 लाख रुपये तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी मिलेगा 2,100 रुपये प्रति माह का लाभ*
- 3396 राजकीय विद्यालयों को खेल गतिविधियों के लिए 33.96 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिलाओं की आर्थिक उत्थान को और आगे बढ़ते हुए वीरवार को दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। अब प्रदेश में 1 लाख 80 हजार रुपए की सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी इस योजना के तहत 2100 रुपये प्रति माह का लाभ मिलेगा। पहले चरण में 1 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों की 10 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल रहा है। अब आय सीमा बढ़ने के बाद लगभग 17 लाख और महिलाओं को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने वीरवार को महेंद्रगढ़ में भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वीर गाथा और सैनिकों का सम्मान करते हुए वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को देश की सेवा और त्याग के लिए नमन किया।
मुख्यमंत्री ने 3,396 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक एवं राजकीय उच्च विद्यालयों को 1-1 लाख रुपये प्रति विद्यालय की दर से 33 करोड़ 96 लाख रुपये की खेल अनुदान राशि भी जारी की। इसके अलावा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को समर्पित सेवा संकल्प अभियान के तहत एक नई और दूरदर्शी पहल “SEVA First Innovation Challenge” का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह पोर्टल प्रदेश के विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, पेशेवरों, शोधकर्ताओं, जमीनी स्तर के नवप्रवर्तकों तथा आम नागरिकों को अपने अभिनव विचार, तकनीक, उत्पाद एवं समाधान प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश के हर नागरिक तक यह अवसर पहुंचे, इसी उद्देश्य से प्रतिभागियों के प्रोत्साहन के लिए पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है। हर जिले से चयनित सर्वश्रेष्ठ नवाचार को 1 लाख रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य स्तर पर चयनित शीर्ष 3 नवाचारों को 5 लाख रुपए की पुरस्कार राशि तथा विशेष राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओं में काम करने वाले 64,783 श्रमिकों के बैंक खातों में विभिन्न योजनाओं के 48 करोड़ 91 लाख रुपये की राशि जारी की। उन्होंने भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर कारीगरों, शिल्पकारों और श्रमिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में भगवान श्री विश्वकर्मा सृजन, शिल्प, कौशल और निर्माण के देवता हैं। उनकी आराधना हमें अपने कार्य में कुशलता, ईमानदारी, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
पीएम विश्वकर्मा योजना से कारीगरों को कौशल, टूलकिट और ऋण की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के कौशल को नई पहचान और बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। योजना में कौशल प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये का स्टाइपेंड, आधुनिक टूलकिट के लिए सहायता तथा बिना जमानत ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाजार तक पहुंच बनाने में भी सहायता दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में इस योजना के तहत 41,366 आवेदक पंजीकृत हुए हैं, जिनमें से 30,655 कारीगरों का कौशल प्रशिक्षण पूरा हो चुका है और लगभग 12 हजार कारीगरों को टूलकिट प्रदान की जा चुकी हैं। लगभग 6 हजार कारीगरों को 56 करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिला पलवल के दुधौला में स्थापित श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय कौशल आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में देश के लिए एक विशिष्ट मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है।
सशक्त कारीगर से सशक्त हरियाणा और विकसित भारत का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक शिल्पकार, कारीगर और छोटे उद्यमी सशक्त नहीं होंगे, तब तक प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत नहीं बनाया जा सकता। सरकार का संकल्प है कि हुनर को सम्मान, मेहनत को पहचान और कारीगर को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर मिले। उन्होंने कहा कि जब हमारा कारीगर सशक्त होगा, तो हमारा प्रदेश सशक्त होगा और जब हमारा प्रदेश सशक्त होगा, तो विकसित भारत का सपना और मजबूत होगा। हर हाथ को काम मिले, हर मेहनत को मान मिले और हर घर में उत्सव हो—हरियाणा का कारीगर आत्मविश्वास से कहे, ‘मेरा हुनर, मेरी पहचान।’”
हर हुनर को सम्मान, हर मेहनत को पहचान और हर हाथ को आगे बढ़ने का अवसर देना सरकार का संकल्प : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा जयंती हमें निर्माण, कर्म, हुनर और मेहनत का संदेश देती है। देश और प्रदेश की प्रगति में कारीगरों, श्रमिकों और हुनरमंद लोगों का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने श्रम और हुनर को सम्मान देते हुए कारीगरों को आगे बढ़ने के नए अवसर प्रदान किए हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना भी इसी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर हुनर को सम्मान, हर मेहनत को पहचान और हर हाथ को आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु होने की कामना की। उन्होंने कहा कि आज महाराज सूरसैनी जी की प्रतिमा का अनावरण भी हुआ है, जो क्षेत्र के गौरव, स्वाभिमान और वीर परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
कुमारी आरती सिंह ने महेंद्रगढ़ को वीरों की धरती बताते हुए कहा कि दक्षिण हरियाणा के लगभग हर परिवार का सेना और देशसेवा से गहरा नाता रहा है। उन्होंने कहा कि नसीबपुर में प्रस्तावित शहीद स्मारक को लेकर दो बैठकें हो चुकी हैं और इसकी ड्राइंग भी स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री जल्द ही इस स्मारक का शिलान्यास करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधुनिक भारत के नव-निर्माण के कर्मयोगी शिल्पकार के रूप में देश को दे रहे नई दिशा : डॉ अर्चना गुप्ता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि आज का दिन अपने आप में विशेष है, क्योंकि आज दो ऐसे शिल्पकारों का जन्मदिवस है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में निर्माण, सृजन और राष्ट्रसेवा की नई मिसाल कायम की है। एक ओर भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के निर्माण, वास्तु और शिल्प के देवता हैं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आधुनिक भारत के नव-निर्माण के कर्मयोगी शिल्पकार के रूप में देश को नई दिशा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की आराधना हमें यह संदेश देती है कि निर्माण केवल ईंट-पत्थर से नहीं, बल्कि कौशल, परिश्रम, कल्पना और संकल्प से होता है। आज देश का श्रमिक, कारीगर, शिल्पकार, इंजीनियर और हुनरमंद वर्ग इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
इस मौके पर सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने और विधायक कंवर सिंह यादव ने भी संबोधित किया और मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्र की मांगों को रखा। कार्य्रकम में कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, विधायक ओपी यादव, उमेद पातुवास, पूर्व सांसद रामचंद्र जांगड़ा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।


