Thursday, April 23, 2026
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40 डिग्री में ‘करंट’ हुआ गायब, रोहतक में बिजली के दावों की हकीकत

गरिमा टाइम्स न्यूज.रोहतक : गर्मी के तेवर तेज होते ही शहर में बिजली व्यवस्था की हकीकत सामने आने लगी है। शहर के कई सेक्टरों और इलाकों में बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कटौती की गई, जिससे लोग भीषण गर्मी में परेशान होते रहे। पारा 40 डिग्री के पार है और इसी के साथ बिजली भी आंख-मिचौली खेल रही है।

दावे थे कि इस बार बिजली कट नहीं होंगे, लेकिन हकीकत ये है कि लोग घंटों बिना बिजली के झुलस रहे हैं। इसी महीने बिजली निगम ने करीब 157 करोड़ रुपये की योजना तैयार करने का दावा किया था, ताकि गर्मियों में बिजली आपूर्ति सुचारू रखी जा सके। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए दावों और जमीनी स्थिति में अंतर साफ नजर आ रहा है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बिजली कटौती भी सामने आने लगी हैं। अचानक सप्लाई बंद होने से घरों, दुकानों और दफ्तरों में कामकाज प्रभावित हुआ।

लोगों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में बिना सूचना के कटौती से दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अब सवाल ये है कि जब गर्मी हर साल आती है तो तैयारी हर साल अधूरी क्यों रह जाती है। जैसे ही पारा चढ़ रहा है, सिस्टम बैठता नजर आ रहा है।

खपत 55.76 लाख यूनिट से बढ़कर 64.94 लाख यूनिट पहुंची

बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग में भी तेज उछाल आया है। 18 अप्रैल तक बिजली की खपत 55.76 लाख यूनिट से बढ़कर 64.94 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। मांग में इस बढ़ोतरी के कारण सिस्टम पर दबाव बढ़ा है, जिससे ओवरलोडिंग और अघोषित कटौती की स्थिति बन रही है। दो दिन से रोहतक के सेक्टर और कई इलाकों में अचानक बिजली गुल हो रही है। दिल्ली रोड से डी पार्क तक मंगलवार को भी बिजली नहीं आई थी। आने वाले दिनों में हालात बिगड़ने वाले हैं।

कागजों में मजबूत व्यवस्था की योजना

बिजली निगम ने जिले में सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत 26 नए फीडर स्थापित किए जाने हैं, ताकि एक ही लाइन पर पड़ने वाला लोड कम किया जा सके। साथ ही करीब 460 किलोमीटर लंबी एबीसी (एरियल बंच) केबल बिछाने की योजना है। इसके अलावा 700 ट्रांसफार्मरों को लगाने या अपग्रेड करने और 4497 किलोमीटर लंबी बिजली लाइनों को सुधारने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे भविष्य में कटौती की समस्या कम हो सके।

बढ़ती मांग बनी सबसे बड़ी चुनौती

गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत में लगातार इजाफा हो रहा है। एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों के अधिक इस्तेमाल से सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है। यही कारण है कि फीडरों पर ओवरलोडिंग की स्थिति बन रही है और कई जगहों पर सप्लाई बाधित हो रही है। यदि मांग इसी तरह बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

बिना सूचना कटौती से जनजीवन प्रभावित

शहर के कई इलाकों में बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कटौती की जा रही है। अचानक सप्लाई बंद होने से घरों में पानी की समस्या, व्यापारिक गतिविधियों में बाधा और दफ्तरों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

तैयारी में देरी पर उठे सवाल

हर साल गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ना तय होता है, इसके बावजूद तैयारियों में देरी पर सवाल उठ रहे हैं। सेक्टर 1 में रहने वाली सुनिता, मीना, बिमला आदि का कहना है कि यदि प्रस्तावित योजनाओं पर समय रहते काम पूरा कर लिया जाता, तो वर्तमान हालात से बचा जा सकता था। अब जब गर्मी अपने चरम पर पहुंच रही है, तब इन योजनाओं का लाभ मिलना मुश्किल नजर आ रहा है।

राहत मिलने की उम्मीद कम

बिजली निगम का दावा है कि योजनाओं के पूरा होने के बाद सप्लाई व्यवस्था में सुधार आएगा और ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी। हालांकि फिलहाल हालात को देखते हुए लोगों को तुरंत राहत मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निगम कितनी तेजी से काम पूरा कर पाता है और शहरवासियों को स्थायी समाधान मिल पाता है या नहीं।

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