Rohtak News : जीडी गोयनका इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता एवं संवादात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को किशोरावस्था से जुड़े महत्वपूर्ण स्वास्थ्य विषयों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें सही, वैज्ञानिक एवं उपयोगी जानकारी प्रदान करना था। कार्यशाला में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विद्यार्थियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई।
स्वस्थ जीवनशैली एवं स्क्रीन समय विषय पर डॉ. मोनी भाटिया ने विद्यार्थियों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, दिनचर्या तथा मोबाइल एवं अन्य डिजिटल उपकरणों के संतुलित उपयोग के महत्व के बारे में समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ आदतें अपनाने और तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव हेतु टीकाकरण विषय पर डॉ. कांता जोला सैनी ने विद्यार्थियों को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर, उसके बचाव तथा टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों को निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
मासिक धर्म—सामान्य एवं असामान्य विषय पर डॉ. ईशा नांदल ने छात्राओं को मासिक धर्म से संबंधित सामान्य एवं असामान्य स्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता, उचित देखभाल तथा किसी भी असामान्य लक्षण की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के महत्व को समझाया। उन्होंने सामान्य एवं असामान्य स्थिति में अंतर, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने के महत्व पर प्रकाश डाला।
सभी सत्रों को संवादात्मक एवं विद्यार्थियों के अनुकूल बनाया गया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस पहल ने विद्यार्थियों में स्वास्थ्य संबंधी विषयों को लेकर जागरूकता, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर विद्यालय की निदेशक डॉ. मनीषा मायना ने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के प्रत्येक महत्वपूर्ण पहलू के लिए तैयार करना है।स्कूल की उपप्रधानाचार्या श्रीमती सविता हुड़ा ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विद्यार्थियों के समग्र विकास का अभिन्न अंग है। सही जानकारी और सही समय पर उचित मार्गदर्शन उन्हें स्वस्थ, आत्मविश्वासी एवं जिम्मेदार नागरिक बनने में सहायता करता है।”उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों की सराहना की।


