Wednesday, August 26, 2026
HomeहरियाणारोहतकSwine Flu : कूड़े के ढेर और वायरस का डर, रोहतक में...

Swine Flu : कूड़े के ढेर और वायरस का डर, रोहतक में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

कविता. रोहतक : शहर में एक तरफ सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

रोहतक में भी स्वाइन फ्लू के मामले आने की सूचना है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अस्पतालों की ओपीडी में इस समय खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षणों के साथ अनेक मरीज आ रहे है।

वहीं राज्य स्तर पर भी स्वास्थ्य विभाग ने फ्लू को लेकर निगरानी और जांच बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर, जरूरी दवाओं और गंभीर मरीजों के लिए क्रिटिकल केयर व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है।

बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा नजर जरूरी

स्वाइन फ्लू का संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में इसके गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक रहता है। रोहतक में फ्लू जैसे लक्षण सामने आने पर लापरवाही न बरतने और चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने भी बुखार, खांसी या छींक जैसे लक्षण होने पर सार्वजनिक स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

कूड़े का स्वाइन फ्लू से क्या कनेक्शन

शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जगह-जगह जमा कूड़ा निश्चित तौर पर चिंता बढ़ा रहा है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि कूड़ा सीधे तौर पर स्वाइन फ्लू का कारण नहीं है। एच1एन1 एक इन्फ्लुएंजा वायरस है और मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस संबंधी बूंदों और निकट संपर्क से फैलता है। हालांकि लंबे समय तक जमा कूड़ा शहर की स्वच्छता और पर्यावरणीय स्थिति खराब करता है, लोगों की भीड़ और अस्वच्छ परिस्थितियों में संक्रमण नियंत्रण मुश्किल हो सकता है तथा दूसरी संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए रोहतक में कूड़े का उठान और सफाई व्यवस्था बहाल करना स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है।

मौसम भी दे रहा वायरस को फैलने का मौका

बदलता मौसम और नमी फ्लू के प्रसार के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर सकते हैं। हाल के दिनों में हरियाणा के कई हिस्सों में फ्लू के मामलों पर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ी है। डॉक्टरों की सलाह है कि भीड़भाड़ वाले और कम वेंटिलेशन वाले स्थानों पर फ्लू जैसे लक्षण वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। रोहतक में भी मौसम, भीड़भाड़ और शहर की सफाई व्यवस्था को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

तेज बुखार से लेकर सांस लेने में दिक्कत तक लक्षण

स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, कमजोरी तथा भूख कम लगना जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त भी हो सकते हैं। गंभीर स्थिति में सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे लक्षणों को सामान्य वायरल समझकर घर पर लंबे समय तक इलाज करना जोखिम भरा हो सकता है। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क कर उचित जांच और उपचार कराने की सलाह दी है।

इलाज में देरी न करें, खुद से दवा लेना भी खतरनाक

स्वाइन फ्लू का इलाज मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय जांच के आधार पर किया जाता है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार एंटीवायरल दवा, बुखार एवं अन्य लक्षणों का उपचार और निगरानी की सलाह दे सकते हैं। हर मरीज को एक जैसी दवा देना सही नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने भी बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयां न लेने की अपील की है। पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक भोजन लेना, आराम करना और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकना जरूरी है।

रोहतक में अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश

स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए हरियाणा सरकार ने सभी जिलों के स्वास्थ्य संस्थानों को जरूरी दवाओं, जांच सुविधाओं, संक्रमण नियंत्रण सामग्री और गंभीर मरीजों के इलाज की व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। कम से कम 5 प्रतिशत इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी वाले मरीजों और गंभीर श्वसन संक्रमण वाले सभी मरीजों की इन्फ्लुएंजा जांच कराने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। ऐसे में रोहतक के सरकारी अस्पतालों में भी फ्लू के संदिग्ध मरीजों की पहचान और समय पर जांच बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

RELATED NEWS
spot_img

Most Popular