Rohtak News : हरियाणा के इतिहास में पहली बार नगर निगम, विश्वविद्यालय और राज्य सरकार सामाजिक एवं शैक्षणिक लक्ष्यों पर एक साथ मिलकर काम करने के लिए सहमत हुए।
एमडीयू परिसर में रविवार को विशेष बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, रोहतक नगर निगम के महापौर रामअवतार बाल्मीकि, नगर निगम रोहतक के पार्षदगण तथा विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत विश्वविद्यालय आउटरीच प्रोग्राम के कंसल्टेंट प्रो. राज कुमार द्वारा स्वागत एवं परिचय से हुई।
एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं समाज-उन्मुख गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि एमडीयू समाज से संवाद, समाज के साथ विकास की भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में विश्वविद्यालय के आउटरीच कार्यक्रमों के जरिए न केवल समाज से जुड़ाव बढ़ा है, बल्कि एमडीयू की सकारात्मक छवि और स्वीकार्यता भी उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ हुई है।
महापौर राम अवतार बाल्मीकि ने इसे इस रूप में ऐतिहासिक बताया कि पहली बार नगर निगम के जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालय प्रशासन और हरियाणा सरकार के बीच इस स्तर का सीधा संवाद समाज के वास्तविक सरोकारों तथा युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत प्रेरक और सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जब जनता के प्रतिनिधि और विश्वविद्यालय एक मंच पर बैठकर चिंतन करते हैं तो शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य और परिवार जैसे क्षेत्रों में असाधारण कार्य संभव हो जाते हैं।
- बैठक में बच्चों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। एमडीयू की तीन प्रमुख पहल नशा मुक्त घर अभियान, एनीमिया मुक्त–पोषण युक्त तथा योग युक्त–मोटापा मुक्त को विशेष रूप से सराहा गया। यह भी साझा किया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा पाँच गाँव गोद लिए जा चुके हैं, और यदि नगर निगम के वार्ड भी विश्वविद्यालय से शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जोड़े जाएँ तो रोहतक शहर-समाज–विश्वविद्यालय साझेदारी का आदर्श मॉडल बन सकता है।
- यह सुझाव भी उभरा कि शहर की 13 महिला पार्षद यदि प्रत्येक एक-एक बालिका/महिला छात्रावास को मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए अपनाएँ, तो संयुक्त परिवार की भारतीय अवधारणा आधुनिक शहरी जीवन में नए रूप में पुनर्जीवित हो सकती है। प्रत्येक वार्ड से पाँच मेधावी एवं ज़रूरतमंद विद्यार्थियों को पार्षद की अनुशंसा पर एमडीयू की लाइब्रेरी, करियर परामर्श, कोचिंग और विभिन्न पाठ्यक्रमों से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
- फैमिली कनेक्ट के तहत यह चिंता व्यक्त की गई कि आज एक ही कमरे में बैठा परिवार भी मोबाइल की स्क्रीन तक सीमित हो गया है। ऐसे में विश्वविद्यालय और जनप्रतिनिधि मिलकर परिवार में संवाद, मूल्यों और सांस्कृतिक जुड़ाव को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
- एमडीयू का ऐप-आधारित आउटरीच प्रोग्राम और नशा मुक्त अभियान इस दिशा में प्रभावी कदम बताते हुए यह साझा संकल्प लिया गया कि नगर निगम, विश्वविद्यालय और सरकार मिलकर रोहतक को शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवारिक मूल्यों और युवा सशक्तीकरण का रोल मॉडल शहर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करेंगे।

