Friday, August 28, 2026
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Water Crisis : रोहतक में पानी की मार, रात 2 बजे बज रहे अलार्म

कविता.रोहतक

गर्मी अपने चरम पर है, लेकिन शहर के कई इलाकों में पानी की एक-एक बूंद के लिए जंग छिड़ी हुई है। सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड, रामगोपाल कॉलोनी, जनता कॉलोनी, एकता कॉलोनी, चिन्योट कॉलोनी और पाड़ा मोहल्ला के हजारों परिवार पिछले करीब 20 दिनों से जल संकट झेल रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को रात 2 और 3 बजे अलार्म लगाकर पानी भरने के लिए उठना पड़ रहा है।

जन स्वास्थ्य विभाग ने 27 मई के बाद स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिया था, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए हैं। सुबह के समय पानी की सप्लाई या तो आ ही नहीं रही या फिर केवल 5 से 10 मिनट के लिए आ रही है। वह भी बिना किसी तय समय के।

शहरवासियों का कहना है कि जब नलों में पानी नहीं आता तो घर की पूरी व्यवस्था चरमरा जाती है। पीने का पानी बचाने के लिए नहाने, कपड़े धोने और सफाई जैसे काम टालने पड़ रहे हैं।

रात को जागकर भरना पड़ रहा पानी

जल संकट के कारण कई परिवारों की दिनचर्या बदल गई है। लोग रात में सोने की बजाय पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। सेक्टर 1 हाउसिंग बोर्ड में कई घरों में मोबाइल पर अलार्म लगाकर परिवार के सदस्य बारी-बारी से जाग रहे हैं ताकि पानी आते ही टंकियां भर सकें।

टैंकर वालों की डिमांड

पानी की कमी का फायदा निजी टैंकर संचालकों को मिल रहा है। कई कॉलोनियों में लोग मजबूरी में पैसे खर्च कर पानी मंगवा रहे हैं। इससे आम परिवारों का मासिक बजट भी बिगड़ने लगा है।

सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को

घरों में पानी की व्यवस्था संभालने वाली महिलाओं पर सबसे ज्यादा बोझ पड़ रहा है। बर्तन धोने, खाना बनाने और सफाई जैसे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। कई घरों में पानी बचाने के लिए कपड़े धोने तक सीमित कर दिए गए हैं।

जनता की जुबानी, पानी का दर्द

हालात खराब हो रहे
15 दिन से हालात खराब हैं। कभी सुबह पानी आता है तो कभी बिल्कुल नहीं। अब तो बच्चों को स्कूल भेजने से पहले भी पानी की चिंता रहती है। राजेश मलिक, सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड

सजा से कम नहीं

रात को दो बजे पानी आया तो पूरा परिवार उठ गया। गर्मी में पानी नहीं होना किसी सजा से कम नहीं है।-सुनीता देवी, जनता कॉलोनी

*सब्र जवाब दे रहा*
विभाग हर बार आश्वासन देता है, लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदल रही। पानी के लिए लोगों का सब्र जवाब देने लगा है।-अमित गर्ग, रामगोपाल कॉलोनी

टंकी खाली रहती है

घर का पूरा काम प्रभावित हो गया है। कभी टंकी खाली रहती है तो कभी पानी का इंतजार करते-करते आधा दिन निकल जाता है।कविता अरोड़ा, एकता कॉलोनी

नहर में कम पानी, शहर में बढ़ी मुसीबत

जेएलएन नहर में हेड से अपेक्षित मात्रा में पानी नहीं छोड़ा गया। इसका सीधा असर शहर की जलापूर्ति पर पड़ा है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से विभाग भी निर्धारित समय पर सप्लाई देने में असमर्थ नजर आ रहा है।

कई इलाकों में एक जैसी कहानी

संकट केवल सेक्टर-1 तक सीमित नहीं है। रामगोपाल कॉलोनी, जनता कॉलोनी, एकता कॉलोनी, चिन्योट कॉलोनी, पाड़ा मोहल्ला और आसपास के अन्य क्षेत्रों से भी लगातार शिकायतें मिल रही हैं। लोगों का कहना है कि शहर के बड़े हिस्से में जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है।

लोग पूछ रहे, आखिर कब मिलेगी राहत

भीषण गर्मी में जल संकट ने लोगों का धैर्य तोड़ना शुरू कर दिया है। अब शहरवासियों की मांग है कि प्रशासन और जन स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर तुरंत नियंत्रण करे, वैकल्पिक व्यवस्था बनाए और जलापूर्ति का स्पष्ट शेड्यूल जारी करे ताकि लोगों को रातों में जागकर पानी भरने की मजबूरी से छुटकारा मिल सके।

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