Saturday, May 30, 2026
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सर्राफा बाजार पर मंदी की मार, बढ़ती कीमतों ने बदला खरीदारी का ट्रेंड

कविता. रोहतक 

सोने की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने रोहतक के सर्राफा बाजार की रौनक को फीका कर दिया है। एक समय शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में ग्राहकों से भरे रहने वाले बाजारों में अब कम ही खरीदार नज़र आ रहे हैं। कारोबारियों अमित, हेमंत, नीरज आदि का कहना है कि पिछले एक वर्ष में सोने के दामों में आई रिकॉर्ड तेजी ने आम आदमी की पहुंच से आभूषणों को दूर कर दिया है। इसका सीधा असर दुकानदारों के साथ-साथ कारीगरों और सुनारों की आजीविका पर भी पड़ रहा है।

एक साल में बदली तस्वीर

पिछले वर्ष सोने के दाम कम से लेकिन अब कीमतें डेढ़ लाख रुपये के स्तर को छूने लगी हैं। लगातार बढ़ते दामों ने ग्राहकों का बजट बिगाड़ दिया है। नतीजतन लोग बड़े आभूषणों की बजाय हल्के और कम वजन वाले गहनों की मांग कर रहे हैं।

मुख्य बाजारों में स्थित ज्वेलरी शोरूम संचालकों का कहना है कि पहले निवेश और शौक के तौर पर सोना खरीदा जाता था, लेकिन अब खरीदारी केवल जरूरत तक सीमित रह गई है। ग्राहक पहले कई विकल्प देखते थे, अब सीधे बजट पूछते हैं।

शादी सीजन भी नहीं दे पाया राहत

आमतौर पर शादी-ब्याह का मौसम सर्राफा कारोबार के लिए सबसे बेहतर माना जाता है, लेकिन इस बार कारोबारियों को उम्मीद के अनुरूप बिक्री नहीं मिली। परिवारों ने खर्च कम करने के लिए गहनों की मात्रा घटा दी या पुराने आभूषणों को ही नया रूप देकर काम चलाया। इससे बाजार में अपेक्षित कारोबार नहीं हो सका।

डिज़ाइन पसंद, कीमत सुनकर वापसी

ज्वेलर्स का कहना है कि अब बड़ी संख्या में ग्राहक शोरूम में आते हैं, नए डिज़ाइन देखते हैं, जानकारी लेते हैं, लेकिन कीमत सुनने के बाद खरीदारी टाल देते हैं। बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के दबाव ने लोगों की क्रय शक्ति को प्रभावित किया है। इसका असर सीधे बिक्री पर दिखाई दे रहा है।

कारीगरों के सामने रोज़गार का संकट

सबसे ज्यादा परेशानी उन कारीगरों को झेलनी पड़ रही है जो आभूषण निर्माण से जुड़े हैं। ऑर्डर घटने के कारण कई कार्यशालाओं में काम कम हो गया है। कुछ कारीगरों को सप्ताह में सीमित दिन ही काम मिल रहा है, जबकि कई लोग वैकल्पिक रोजगार की तलाश में जुटे हैं। कारोबारियों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो कुशल कारीगरों का यह पारंपरिक पेशा प्रभावित हो सकता है।

पुराना सोना बेचने वालों की बढ़ी संख्या

बाजार में एक नया ट्रेंड भी देखने को मिल रहा है। सोने के बढ़े हुए दामों का फायदा उठाने के लिए लोग पुराने आभूषण बेचने या एक्सचेंज कराने पहुंच रहे हैं। नई खरीदारी कम हो रही है, जबकि पुराने सोने की बिक्री और अदला-बदली के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

कारोबारियों की मांग, मिले राहत

सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती कीमतों और बाजार में सुस्ती के बीच सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे व्यापार को राहत मिल सके। उनका मानना है कि यदि कीमतों में स्थिरता आती है और उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है तो बाजार की रौनक फिर लौट सकती है।

निवेशकों के लिए सोना अब भी पहली पसंद

रोहतक के सर्राफा कारोबारी सतीश वर्मा ज्वेलर्स का कहना है कि कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद सोने पर लोगों का भरोसा कायम है। उन्होंने बताया कि आभूषणों की खरीदारी भले कम हुई हो, लेकिन निवेश के नजरिए से लोग अब भी सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। उनका कहना है कि ग्राहक बड़े गहनों की बजाय हल्के और कम वजन वाले आभूषण खरीद रहे हैं, ताकि बजट भी न बिगड़े और निवेश भी बना रहे।

ग्राहकों का रुझान हल्के गहनों की ओर बढ़ा : अमित वर्मा

सर्राफा कारोबारी अमित वर्मा के अनुसार बाजार में ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। पहले जहां लोग भारी हार, कंगन और सेट खरीदते थे, वहीं अब हल्के डिज़ाइन और रोजमर्रा में पहनने योग्य ज्वेलरी की मांग बढ़ी है। उन्होंने बताया कि बढ़ती कीमतों के कारण अधिकांश ग्राहक बजट के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं। कई परिवार शादियों में भी गहनों की मात्रा कम कर रहे हैं, जिससे कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। उनका मानना है कि कीमतों में स्थिरता आने पर बाजार की रौनक फिर लौट सकती है।

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